
इंदौर में खाकी को कटघरे में खड़ा करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारंट तामील के नाम पर 22.50 तोला सोना लूटने के आरोप में निलंबित पुलिसकर्मियों के साथ अब रिटायर CSP राजेश गुप्ता भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने वारंट प्रक्रिया की अलग से जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में लसूड़िया थाने के एसआई समेत कई पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि घर में लगे CCTV तोड़ने तक के आरोप सामने आए हैं।
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शिकायत के मुताबिक वारंट की आड़ में पुलिस टीम घर पहुंची और कार्रवाई के दौरान 22.50 तोला सोना गायब हो गया। आरोप है कि पूरी कार्रवाई संदिग्ध और साजिशन थी। जांच में वारंट तामीली की प्रक्रिया भी अवैध पाई गई है। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि क्या ग्वालियर से वारंट भेजने से लेकर स्थानीय स्तर तक कोई बड़ी साजिश रची गई थी। रिटायर CSP की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में शिकायतकर्ता गौरव जैन भी जांच के दायरे में है। उस पर धमकी, अवैध कब्जा, चेक बाउंस और धोखाधड़ी के कई प्रकरण सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक जिस फ्लैट में विवाद हुआ वह एक महिला जज से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। फिलहाल पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी है। संकेत हैं कि गड़बड़ी मिलने पर रिटायर अफसर से लेकर निजी व्यक्तियों तक पर आपराधिक केस दर्ज हो सकता है।