15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास! बने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय

2026 एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से मात दी। इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल पाए और सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन मैच के बाद उनके नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो इससे पहले किसी भारतीय के नाम नहीं था। वैभव सूर्यवंशी अब एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने भारत के स्टार निशानेबाज सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
15 साल 190 दिन की उम्र में जीता गोल्ड
3 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीतने के समय वैभव सूर्यवंशी की उम्र 15 साल 190 दिन थी। इतनी कम उम्र में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने नया भारतीय रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड निशानेबाज सौरभ चौधरी के नाम था। सौरभ ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 16 साल की उम्र में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया था। अब वैभव ने उनसे कम उम्र में गोल्ड जीतकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
वैभव सबसे युवा मेडलिस्ट नहीं हैं
हालांकि, वैभव सूर्यवंशी एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी नहीं हैं। यह रिकॉर्ड संजना भातुला के नाम है। संजना ने 2022 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ये खेल 2023 में आयोजित हुए थे। उन्होंने सिर्फ 15 साल 3 महीने और 11 दिन की उम्र में स्पीड स्केटिंग में भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया था। यानी कम उम्र में मेडल जीतने के मामले में संजना आगे हैं, लेकिन एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड अब वैभव सूर्यवंशी के नाम है।
अनाहत सिंह भी इस खास सूची में शामिल
2026 एशियन गेम्स में चर्चा में रहने वाली युवा स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह का नाम भी भारत के कम उम्र में एशियन गेम्स मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों में शामिल है। अनाहत ने पिछले एशियन गेम्स में महिला स्क्वाश टीम के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस समय उनकी उम्र 15 साल 6 महीने और 16 दिन थी। इस तरह वैभव, संजना और अनाहत जैसे युवा खिलाड़ियों ने कम उम्र में एशियन गेम्स में भारत के लिए मेडल जीतकर खास पहचान बनाई है।
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पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में 15 रन
अब बात करते हैं उस मुकाबले की, जिसने वैभव के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज कराया। भारत और पाकिस्तान के बीच मेंस क्रिकेट का फाइनल मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला गया था। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 211 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में 9 गेंदों पर 15 रन बनाए। वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे, लेकिन टीम की जीत के साथ उनके नाम ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 61 रन बनाए। वहीं तिलक वर्मा ने भी 51 रनों की तेज पारी खेली। इन पारियों की मदद से भारत ने पाकिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य रखा।
हसन नवाज की पारी भी नहीं बचा पाई पाकिस्तान
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने भी अच्छी शुरुआत की। पाकिस्तान के बल्लेबाज हसन नवाज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 96 रन बनाए और अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और पाकिस्तान की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। आखिरकार भारत ने यह मुकाबला 19 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि पाकिस्तान को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
वैभव के लिए छोटी पारी, बड़ा इतिहास
पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला ज्यादा नहीं चला। उन्होंने सिर्फ 15 रन बनाए, लेकिन उनकी टीम ने मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किया। इस गोल्ड के साथ वैभव ने अपने नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया, जो भारतीय क्रिकेट के लिए भी खास है। सिर्फ 15 साल 190 दिन की उम्र में एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर वह भारत के सबसे युवा गोल्ड मेडलिस्ट बन गए हैं। यानी फाइनल में वैभव की पारी भले ही छोटी रही, लेकिन उनकी उपलब्धि बेहद बड़ी रही। आने वाले समय में इस युवा क्रिकेटर के नाम से जुड़ा यह रिकॉर्ड लंबे समय तक याद किया जाएगा।




















