BWF Championship 2026: 15 साल का इंतजार खत्म! त्रीसा-गायत्री ने भारत का विमेंस डबल्स मेडल किया पक्का, सेमीफाइनल में पहुंची

भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया है। भारतीय जोड़ी ने महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जिया यी फान और झांग शू जियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ भारत का महिला डबल्स में कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है, इसलिए तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं होता।
पहले गेम में पिछड़ी भारतीय जोड़ी
मुकाबले की शुरुआत चीन की जोड़ी ने तेज की। जिया यी फान और झांग शू जियान ने भारतीय जोड़ी को शुरुआती दौर में 4-0 से पीछे कर दिया। त्रीसा और गायत्री ने वापसी की कोशिश की, लेकिन चीनी जोड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा और पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में पलटा पूरा मैच
दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की। त्रीसा और गायत्री ने बेहतर डिफेंस के साथ तेज स्मैश और आक्रामक नेट प्ले का इस्तेमाल किया। मुकाबला काफी करीबी रहा, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अहम मौकों पर अंक हासिल किए और 21-15 से गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया।
निर्णायक गेम में चीन को नहीं दिया मौका
तीसरे गेम में चीनी जोड़ी ने फिर बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन त्रीसा और गायत्री ने जल्द ही मैच पर नियंत्रण हासिल कर लिया। ब्रेक तक भारतीय जोड़ी 11-5 से आगे थी। इसके बाद भी दोनों ने दबाव बनाए रखा और निर्णायक गेम 21-13 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।
पहले तीनों मुकाबलों में चीन से हारी थीं
त्रीसा और गायत्री की इस जीत की खास बात यह भी है कि इससे पहले वे जिया यी फान और झांग शू जियान के खिलाफ तीनों मुकाबले हार चुकी थीं। इस बार भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना रिकॉर्ड बदल दिया।
जापानी जोड़ी को भी दी थी मात
क्वार्टर फाइनल से पहले त्रीसा और गायत्री ने राउंड ऑफ-16 में जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराया था। त्रीसा के चोट से वापसी के बाद यह जोड़ी शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। दोनों 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।
15 साल बाद विमेंस डबल्स में भारत का मेडल
त्रीसा और गायत्री की जीत ने महिला डबल्स में भारत के 15 साल लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। अब त्रीसा-गायत्री ने उसी उपलब्धि को दोहराते हुए भारत का मेडल पक्का कर दिया है।
सात्विक-चिराग का सफर क्वार्टर फाइनल में खत्म
वहीं पुरुष डबल्स में भारत की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को हार का सामना करना पड़ा। चीन की लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी ने उन्हें 36 मिनट में 21-18, 21-9 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
पहले गेम में सात्विक-चिराग 18-16 से आगे थे, लेकिन चीनी जोड़ी ने लगातार पांच अंक लेकर गेम 21-18 से जीत लिया। दूसरे गेम में लियांग और वांग ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और 21-9 से गेम जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।





















