हॉकी वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया, 16 साल बाद महामुकाबले में फिर मिली जीत

हॉकी वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 16 साल बाद हुए महामुकाबले में टीम इंडिया ने एक बार फिर बाजी मार ली। बुधवार, 19 अगस्त को नीदरलैंड्स के वागेनर स्टेडियम, एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-डी के मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया। भारत और पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीमें इससे पहले वर्ल्ड कप में 2010 में दिल्ली में आमने-सामने हुई थीं। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था। 16 साल बाद जब दोनों टीमें एक बार फिर वर्ल्ड कप के मैदान पर उतरीं तो भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी खेलते हुए पुरानी कहानी दोहरा दी।
पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई 2-0 की बढ़त
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 5वें मिनट में गोल करके भारत का खाता खोला। इसके बाद अभिषेक ने 11वें मिनट में दूसरा गोल कर दिया। पहले क्वार्टर की समाप्ति तक भारत 2-0 से आगे था। पाकिस्तान के पास वापसी का मौका था लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपिंग ने उसके हमलों को लगातार रोककर रखा।
दूसरे क्वार्टर में गोलों की बारिश
दूसरे क्वार्टर में मुकाबला और ज्यादा रोमांचक हो गया। भारत ने शुरुआत में ही अपनी बढ़त मजबूत की। हरमनप्रीत सिंह ने 21वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा और स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने जोरदार वापसी की। हन्नान शाहिद ने 22वें मिनट में पाकिस्तान का पहला गोल किया। इसके कुछ ही मिनट बाद सूफियान खान ने 25वें मिनट में गोल करके अंतर को 3-2 कर दिया। हालांकि पाकिस्तान की वापसी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। अभिषेक ने 24वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए भारत को फिर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हाफ टाइम तक भारत के पास 4-2 की बढ़त थी।
हार्दिक सिंह ने बढ़त को फिर तीन गोल किया
तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारत ने उसे कोई गोल करने का मौका नहीं दिया। दूसरी ओर भारतीय टीम ने अपना पांचवां गोल कर दिया। हार्दिक सिंह ने 35वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 5-2 कर दी। इसके साथ ही पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ गया। मुकाबले में खिलाड़ियों को अनुशासन को लेकर भी सतर्क रहना पड़ा। मैच के दौरान कुल चार ग्रीन कार्ड दिखाए गए जिनमें दो भारतीय और दो पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मिले। भारत के आदित्य अर्जुन को यलो कार्ड भी दिखाया गया।
आखिरी क्वार्टर में पाकिस्तान ने की कोशिश
चौथे क्वार्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर गोल करके अंतर कम करने की कोशिश की। हन्नान शाहिद ने 46वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 5-3 हो गया। इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी बढ़त को बनाए रखा। आखिरकार भारत ने मुकाबला 5-3 से अपने नाम कर लिया।
भारत अगले दौर में, पाकिस्तान का सफर खत्म
पाकिस्तान पर जीत के साथ भारत ने पूल-डी में अपने तीन मैचों में दो जीत हासिल कर 6 अंक जुटाए और अगले दौर में प्रवेश कर लिया। पाकिस्तान तीन मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सका। उसके खाते में एक ड्रॉ और दो हार रहीं, जिसके चलते टीम प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारत की इस जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक का प्रदर्शन खास रहा। दोनों ने दो-दो गोल किए जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा।
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16 साल बाद भी कहानी वही
हॉकी वर्ल्ड कप में 16 साल बाद भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत का इंतजार खत्म हुआ, लेकिन नतीजा एक बार फिर भारत के पक्ष में रहा। 2010 में दिल्ली में 4-1 की जीत के बाद अब 2026 में एम्सटेलवीन में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया।













