188 विकेट, 2 शतक,आखिर कौन हैं सारांश जैन, जीन्हें वाशिंगटन सुंदर की मिली जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। इस टीम में सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन की हो रही है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश को आखिरकार पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। यह मौका उनके लिए 11 साल की मेहनत और शानदार प्रदर्शन का इनाम की तरह है।
वॉशिंगटन सुंदर की जगह मिला मौका
सारांश जैन को टीम में वॉशिंगटन सुंदर की जगह शामिल किया गया है। सुंदर हैमस्ट्रिंग चोट के कारण 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं ने मौजूदा फॉर्म और अनुभव को देखते हुए सारांश जैन पर भरोसा जताया। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि श्रीलंका की स्पिन मददगार पिचों पर सारांश टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। वह गेंद और बल्ले दोनों से अपना शानदार प्रदर्शन दे सकतें हैं।
घरेलू क्रिकेट में लगातार किया शानदार प्रदर्शन
सारांश जैन ने साल 2014 के आखिर में मध्य प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद से वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाने लगे। दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज और बाएं हाथ के उपयोगी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने कई मुकाबलों में अपनी टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हर सीजन में खुद को साबित करते रहे। अब करीब 11 साल बाद उनकी मेहनत रंग लाई है और उन्हें टीम इंडिया की टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया गया है।
आंकड़े बताते हैं क्यों खास हैं सारांश जैन
सारांश जैन का प्रथम श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 188 विकेट अपने नाम किए हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.30 रहा और उन्होंने 10 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया। बल्लेबाजी में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2,223 रन बनाए हैं, जिनमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 31.75 रहा है। यही वजह है कि उन्हें एक भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर माना जाता है।
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भारत-ए के लिए शानदार प्रदर्शन बना टर्निंग पॉइंट
सारांश जैन के चयन में भारत-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर किया गया प्रदर्शन भी अहम रहा। हाल ही में भारत-ए ने श्रीलंका-ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबले खेले थे। गॉल में खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में सारांश ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पूरे मैच में 6 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने निचले क्रम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 70 रन भी बनाए। स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में इस बेहतरीन प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का ध्यान अपनी ओर खींचा। यही प्रदर्शन उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम का दरवाजा खोलने वाला साबित हुआ।
टीम इंडिया को मिलेगा संतुलन
मुख्य कोच गौतम गंभीर ऐसी टेस्ट टीम तैयार करना चाहते हैं जिसमें बल्लेबाजी आठवें नंबर तक मजबूत रहे। सारांश जैन इस सोच पर पूरी तरह फिट बैठते हैं। वह एक ऐसे ऑलराउंडर हैं जो लंबे स्पैल में ऑफ स्पिन गेंदबाजी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में उपयोगी रन भी जोड़ सकते हैं। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त संतुलन देने का काम करेगी। रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी स्पिनरों के साथ सारांश टीम के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं।
अब टेस्ट कैप का इंतजार
भारतीय टेस्ट टीम के लिए चुना जाना किसी भी खिलाड़ी के करियर का सबसे बड़ा सपना होता है। सारांश जैन ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सालो तक लगातार मेहनत की और घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या उन्हें श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है। अगर उन्हें टेस्ट कैप पहनने का मौका मिलता है, तो यह उनके लंबे संघर्ष, और शानदार प्रदर्शन का सबसे बड़ा पुरस्कार होगा।












