मध्य प्रदेश के पन्ना-सतना क्षेत्र से वन्यजीवों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। नागौद-कालिंजर मार्ग पर पहाड़ीखेड़ा से करीब 6 किलोमीटर दूर जरैली पुलिया के पास एक मादा तेंदुए की सड़क हादसे में मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तेंदुए को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही उसकी जान चली गई। यह घटना शनिवार 11 अप्रैल की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। लगातार दूसरी बार इसी इलाके में तेंदुए की मौत होने से वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नागौद-कालिंजर रोड पर ग्राम पहाड़ीखेड़ा से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित जरैली पुलिया के पास हुआ। यह इलाका वनमंडल सतना के अंतर्गत वनपरिक्षेत्र बरौधा की कठवरिया बीट (कक्ष क्रमांक P-163) की सीमा से सटा हुआ है। रात के समय सड़क पार करते वक्त मादा तेंदुए को किसी तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तेंदुए के सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शनिवार सुबह जब आसपास के ग्रामीणों की नजर सड़क किनारे पड़े तेंदुए के शव पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन चौकी पहाड़ीखेड़ा के बीटगार्ड राजीव द्विवेदी (लुहरहाई) और कमलेश विश्वकर्मा (सिलधारा) मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक जांच में ही यह पुष्टि कर दी कि तेंदुए की मौत वाहन की टक्कर से हुई है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना सिलधारा बीट में नहीं, बल्कि सतना वनमंडल के बरौधा परिक्षेत्र की कठवरिया बीट में हुई है।
ये भी पढ़ें: MP News : भोपाल के एमपी नगर में ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट, फॉर्च्यूनर कार जलकर खाक, बिल्डिंग में भरा धुआं
घटना की जानकारी तुरंत परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्रनगर शुभम तिवारी को दी गई। इसके बाद उन्होंने वनमंडलाधिकारी (DFO) सतना महेंद्र चंडीवाल को पूरे मामले से अवगत कराया। डीएफओ के निर्देश पर उपवनमंडलाधिकारी अभिषेक तिवारी, परिक्षेत्र अधिकारी बरौधा बृजेंद्र पाण्डेय और सतना जिले का वन अमला मौके पर पहुंचा। खुद डीएफओ भी घटनास्थल के निरीक्षण के लिए रवाना हुए।
मृत मादा तेंदुए के शव को बरामद कर पन्ना टाइगर रिजर्व भेजा गया, जहां वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता ने उसका पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया कि तेंदुए के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जो वाहन की टक्कर के कारण हुई। इसी चोट की वजह से उसकी मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
वन विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि मृत तेंदुआ मादा थी और उसकी उम्र लगभग साढ़े तीन साल थी। इस उम्र में तेंदुए पूरी तरह सक्रिय होते हैं और अपने क्षेत्र में शिकार करते हैं। ऐसे में इस तरह की मौत को वन्यजीवों के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: गुना में ओवरटेक की जल्दबाजी ने ली दंपति की जान : कार-ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर, 4 साल का बच्चा बुरी तरह जख्मी
चिंता की बात यह है कि यह पहली घटना नहीं है। करीब 6 महीने पहले भी इसी नागौद-कालिंजर मार्ग पर, जरैली पुलिया के पास ही एक अन्य तेंदुए की मौत हो चुकी है। वह घटना पहाड़ीखेड़ा की सिलधरा बीट क्षेत्र में हुई थी। लगातार दूसरी बार एक ही इलाके में तेंदुए की मौत होना यह दर्शाता है कि यहां वन्यजीवों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नागौद-कालिंजर मार्ग जंगल क्षेत्र के पास से गुजरता है, जहां अक्सर जंगली जानवर सड़क पार करते हैं। लेकिन इस सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण कई बार जानवर हादसों का शिकार हो जाते हैं। लगातार हो रही घटनाएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आगे भी ऐसे हादसे हो सकते हैं।
परिक्षेत्र अधिकारी बरौधा बृजेंद्र पाण्डेय ने बताया कि नागौद-कालिंजर मार्ग पर तेंदुए की संदिग्ध मौत के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौत हुई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।