नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका के आधार पर दिया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि Sonia Gandhi का नाम 1980-81 की वोटर लिस्ट में गलत तरीके से शामिल किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम उस समय मतदाता सूची में जोड़ा गया था, जब वे भारतीय नागरिक नहीं थीं। इस मामले में सोनिया गांधी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी।
शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी ने दावा किया कि, 1980 में जब सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, उनका नाम नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया। 1982 में उनका नाम हटाया गया और 1983 में नागरिकता हासिल करने के बाद फिर से सूची में दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि, यह फर्जी दस्तावेजों के सहारे वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने जैसा गंभीर मामला है और इसके लिए FIR दर्ज होना चाहिए।
11 सितंबर 2025 को ACMM वैभव चौरेसिया ने याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि, चुनाव से जुड़े मामले संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इसमें हस्तक्षेप करना अनुच्छेद 329 के तहत संभव नहीं है।
भाजपा की आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने भी दावा किया कि, सोनिया गांधी का नाम दो बार वोटर लिस्ट में दर्ज हुआ, जबकि वे तब भारतीय नागरिक नहीं थीं। उन्होंने इसे Electoral Malpractice और चुनावी कानून के उल्लंघन का उदाहरण बताया।
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वर्ष |
कार्रवाई |
विवरण |
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1980 |
नाम जोड़ा गया |
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र, पोलिंग स्टेशन 145, क्रम संख्या 388, तब सोनिया गांधी इटली की नागरिक थीं |
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1982 |
नाम हटाया गया |
विरोध के बाद नाम हटाया गया |
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1983 |
नाम दोबारा जोड़ा गया |
नागरिकता मिलने से पहले, पोलिंग स्टेशन 140, क्रम संख्या 236 |
कोर्ट ने राज्य सरकार और TCR (Trial Court Record) को भी नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें सोनिया गांधी और राज्य सरकार नोटिस का जवाब देंगे।
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