नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को 25 मार्च की रात तबियत बिगड़ने के बाद सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जानकारी के मुताबिक अब उनकी हालत काफी बेहतर है और वे सहज महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी चल-फिर पा रही हैं और नाश्ता भी कर चुकी हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोनिया गांधी का इलाज सिस्टेमिक इंफेक्शन के लिए चल रहा है। उन्हें एंटीबायोटिक दवाओं पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों की विशेष टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल की ओर से कहा गया जल्द ही उनकी छुट्टी की संभावना है।
जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी को अचानक सीने में जकड़न, सांस लेने में हल्की तकलीफ और बुखार की शिकायत हुई। तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने पर डॉक्टरों ने सिस्टेमिक इंफेक्शन की पुष्टि की और इलाज शुरू किया।
सोनिया गांधी को पहले से ब्रोंकियल अस्थमा की समस्या है। दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण और मौसम में बदलाव भी उनकी तबीयत को प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इन कारणों से उनकी वर्तमान स्थिति प्रभावित हुई होगी।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अस्पताल पहुंचे और अपनी मां से मिले। इस मुलाकात ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा। कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी लगातार उनकी सेहत के अपडेट ले रहे हैं।
सोनिया गांधी के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है, जो उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। नियमित मेडिकल जांच, दवाइयों की निगरानी और सांस व संक्रमण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉक्टर सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनकी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने की खबर से राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि अब स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
सिस्टमिक इंफेक्शन वह संक्रमण है जो पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। यह बैक्टीरिया या वायरस के कारण होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर इलाज शुरू होने पर स्थिति नियंत्रण में रहती है और एंटीबायोटिक उपचार प्रभावी रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। प्रदूषण और मौसम में बदलाव भी स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए समय पर इलाज सबसे जरूरी है।
डॉक्टरों के अनुसार, अभी यह कहना मुश्किल है कि सोनिया गांधी को कितने दिन अस्पताल में रहना होगा। आम तौर पर सिस्टमिक इंफेक्शन के मामलों में मरीज को कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाता है ताकि संक्रमण पूरी तरह खत्म हो जाए और कोई जटिलता न हो। उनकी स्थिति स्थिर होने के बावजूद, डॉक्टर जल्दबाजी में डिस्चार्ज नहीं करना चाहते।