सोहागपुर में 128वां डोल ग्यारस महोत्सव, लड्डू गोपाल के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

कंधों पर सजे डोल, विराजे लड्डू गोपाल; पलकमति घाट पर हुआ पूजन, भजन-रामसत्ता से गूंजा नगर
सोहागपुर में 128वां डोल ग्यारस महोत्सव, लड्डू गोपाल के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सोहागपुर। सोहागपुर में मंगलवार को 128वां डोल ग्यारस महोत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के घाट पूजन से जुड़ा यह पर्व नगर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। सजे-धजे डोलों में विराजमान लड्डू गोपाल के नगर भ्रमण और पलकमति नदी के घाट पर पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

जगह-जगह हुआ स्वागत

कहारों के कंधों पर सजे डोल जब नगर भ्रमण पर निकले तो रास्ते में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। घरों के सामने डोल पहुंचने पर परिवारों ने आरती उतारी, पुष्प अर्पित किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बिहारी मंदिर, मिश्रजी मंदिर, बड़े मंदिर और दीवान मंदिर के डोल विशेष फूलों और विद्युत सजावट से आकर्षण का केंद्र बने रहे।

पलकमति घाट पर हुआ भगवान श्रीकृष्ण का पूजन

नगर भ्रमण के बाद सभी डोल पलकमति नदी के घाट पहुंचे। यहां भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से घाट पूजन किया गया। पूजन के बाद सभी डोल अपने-अपने मंदिरों की ओर रवाना हुए। सोहागपुर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल हुए।

देर रात तक भक्तिमय रहा माहौल

डोल ग्यारस के अवसर पर देर रात तक भजन-कीर्तन, रामसत्ता और लाठी-डंडा नृत्य की प्रस्तुतियां होती रहीं। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के चलते पूरा नगर भक्तिमय नजर आया।

कभी पूरे प्रदेश में थी अलग पहचान

सोहागपुर की डोल ग्यारस का इतिहास काफी पुराना और समृद्ध रहा है। एक समय यह आयोजन जबलपुर के दशहरे और इंदौर की अनंत चौदस की तरह प्रदेशभर में प्रसिद्ध माना जाता था। दूर-दूर से लोग डोल ग्यारस देखने सोहागपुर पहुंचते थे। उस दौर में दो से तीन दिनों तक लगातार भजन और रामसत्ता के कार्यक्रम आयोजित होते थे।

गणेश प्रतिमाओं ने भी खींचा ध्यान

डोल ग्यारस पर निकले श्रद्धालुओं ने शहर में स्थापित भगवान गणेश की आकर्षक झांकियों के भी दर्शन किए। सोहागपुर अपनी पारंपरिक मूर्तिकला के लिए भी जाना जाता है। यहां के मूर्तिकार पीढ़ियों से इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं। गणेशोत्सव और नवरात्रि के दौरान यहां तैयार गणेश और दुर्गा प्रतिमाएं प्रदेश के कई शहरों में भेजी जाती हैं।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

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