
भोपाल। राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन में बुधवार को आदिम जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर से नाराज कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) हर्षपाल के निलंबन से नाराज कर्मचारियों ने दफ्तर के अंदर ही डेरा डालकर नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
दफ्तर खुलते ही शुरू हुआ हंगामा
मंत्रालय के समीप स्थित सतपुड़ा भवन में यह हंगामा सुबह दफ्तर खुलते ही शुरू हो गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट होकर कमिश्नर के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बीच दोपहर 12 बजे अधिकारी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हुए। हालांकि, कर्मचारी संगठन और अन्य कर्मचारी बंद कमरे में बैठक के बजाय खुले में चर्चा करने की मांग करते रहे।
कमिश्नर पर गंभीर आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि बुधवार सुबह आदिम जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर श्रीमन शुक्ला ने एलडीसी हर्षपाल को फोन कर जल्दी दफ्तर आने और आदेश टाइप करने को कहा। हर्षपाल ने जल्द आने की बात कही, लेकिन किसी कारणवश उन्हें पहुंचने में थोड़ी देर हो गई। इस पर कमिश्नर शुक्ला ने उन्हें कथित रूप से अपशब्द कहे और सस्पेंड कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने गुस्से में हर्षपाल पर बोतल फेंकी।
कर्मचारियों का गुस्सा फूटा
जैसे ही अन्य कर्मचारियों को इस घटना की जानकारी मिली, वे विरोध में एकजुट हो गए और कमिश्नर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हंगामे को बढ़ता देख कमिश्नर ने पुलिस बुला ली, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
बैठक में समझौता नहीं हो सका
हंगामे के बीच कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बैठक का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने दफ्तर के गेट पर बैठक की और निर्णय लिया कि कोई भी कर्मचारी किसी अधिकारी के साथ कोई काम नहीं करेगा।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि शाम तक हर्षपाल का निलंबन वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन की जानकारी ज्ञापन के माध्यम से देंगे और प्रदर्शन को और तेज करेंगे।
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