Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

तेल सप्लाई के रास्ते पर खतरा!अमेरिका का दावा- ईरान के 16 जहाज किए ध्वस्त

मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती है। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी जारी किए हैं।
अमेरिका का दावा- ईरान के 16 जहाज किए ध्वस्त
Ai Generated
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में माइन यानी विस्फोटक बिछाने के लिए किया जा रहा था।

    अमेरिकी सेना का कहना है कि ये जहाज समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें लगाने की तैयारी में थे। अगर ऐसा हो जाता, तो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक पूरी तरह से प्रभावित हो सकता था। इसी खतरे को देखते हुए सेना ने कार्रवाई करते हुए इन जहाजों को निशाना बनाया।

    अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन से जुड़े कुछ वीडियो भी जारी किए हैं। इन वीडियो में समुद्र के बीच सैन्य कार्रवाई और जहाजों को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है। सेना का दावा है कि यह कदम क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया।

    Twitter Post

    क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

    होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

    यह रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और इसी के जरिए सऊदी अरब, कुवैत, इराक, यूएई और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों से तेल दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंचता है।

    अगर इस जलमार्ग में माइन या किसी तरह की बाधा डाल दी जाती है, तो पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से इस इलाके में सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्कता बरती जाती है।

    ट्रंप का बयान, कहा- माइन बिछाने की पुष्टि नहीं

    इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक अलग बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जिसमें यह पुष्टि हो कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाए हैं।

    हालांकि उन्होंने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर इस समुद्री रास्ते में किसी भी तरह की माइन बिछाई गई, तो अमेरिका ऐसा सैन्य जवाब देगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप के इस बयान से यह साफ है कि अमेरिका इस इलाके में किसी भी खतरे को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

    युद्ध के 11वें दिन बढ़ी बयानबाजी

    ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब 11वें दिन में पहुंच चुका है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, दोनों देशों के बीच बयानबाजी और भी तीखी होती जा रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस युद्ध के सबसे बड़े और तेज हमले अभी बाकी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और बढ़ सकती है।
    वहीं पेंटागन ने यह भी बताया है कि इस संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैनिकों के घायल होने के कई मामले सामने आए हैं। इससे साफ है कि युद्ध का असर दोनों पक्षों पर पड़ रहा है।

    बातचीत से इनकार, तनाव और बढ़ा

    दूसरी तरफ ईरान के नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। ईरान की तरफ से अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ कड़े और धमकी भरे बयान भी दिए गए हैं। इतना ही नहीं, ईरान ने इजरायल और खाड़ी के कई अरब देशों के खिलाफ नए हमले शुरू करने की भी बात कही है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

    Latest Posts