देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में अचानक बदलाव हुआ है। तीन साल से ज्यादा समय तक कंपनी के CEO पीटर एल्बर्स ने 10 मार्च को इस्तीफा दे दिया। एल्बर्स के जाने के बाद एयरलाइन के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि वह अब एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी बड़ी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ संभालेंगे।
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भाटिया ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा, मैं इंडिगो के कामकाज को संभालने की अपनी विस्तारित भूमिका में पूरी जिम्मेदारी के साथ कदम रख रहा हूं। यह जिम्मेदारी केवल हमारे ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए नहीं है, बल्कि हर उस कर्मचारी के लिए भी है जो इस एयरलाइन को आगे बढ़ाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका ध्यान कंपनी की कार्य संस्कृति को मजबूत करने, परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवा एवं उचित मूल्य देने पर रहेगा। भाटिया ने अपने संदेश का अंत में लिखते है कि, ‘राहुल यानी मैं हूं ना’। यह स्लोगन बॉलीवुड फिल्म ‘मैं हूं ना’ (2004) से प्रेरित है, जो अपने समय में बेहद लोकप्रिय रही थी।
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भाटिया ने यह भी माना कि पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन के संचालन में जो परेशानी हुई, वह नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, हमारे यात्री इसके हकदार नहीं थे और आप सभी कर्मचारी भी नहीं, जिन्हें बिना किसी गलती के इसका सबसे ज्यादा सामना करना पड़ा।
भाटिया ने कर्मचारियों की मेहनत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कई सहयोगियों ने कठिन परिस्थितियों में दिन-रात काम करके इंडिगो की उड़ान को फिर से पटरी पर लाया। उन्होंने कहा, कर्मचारी ही इंडिगो की असली ताकत हैं। उनकी मेहनत के बिना एयरलाइन नहीं चल सकती।
भाटिया ने बताया कि अब एयरलाइन का मुख्य ध्यान ग्राहक सेवा, परिचालन में सुधार और कर्मचारियों के हित पर रहेगा। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि मिलकर हर चुनौती का सामना करना होगा और यात्रियों को बेहतरीन सेवा दी जाएगी।