रात में आप भी बार- बार बदलते हैं करवटें ?नींद भी नहीं हो रही पूरी, आज ही शुरू करें ये 5 काम मिलेगा आराम

सुबह बिस्तर से उठने के बाद मोबाइल से दिन की शुरुआत और रात को बेड पर जाते समय भी मोबाइल हाथ में रहता है। नतीजा आपकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है, आप रात को बार- बार करवट बदलने पर मजबूर हो रहे हैं, इसका असर सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि, आपके मेंटल हेल्थ, फिजिकल हेल्थ और चेहरे पर भी साफ नजर नजर आता है।
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ऐसे में दवाइयों पर निर्भर होने के बजाय कुछ आसान और घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
गुनगुना दूध है फायदेमंद
- सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध पीना बेहद लाभकारी माना जाता है।
- दूध में मौजूद पोषक तत्व शरीर को रिलैक्स करने में मदद करते हैं और दिमाग को शांत करते हैं।
- इससे नींद जल्दी आने लगती है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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तलवों की मालिश से मिलेगा आराम
- रात को सोने से पहले पैरों के तलवों पर सरसों के तेल या घी से हल्की मालिश करना काफी मददगार उपाय है।
- तलवों की मालिश करने से शरीर का तनाव कम होता है और दिमाग को सुकून मिलता है, जिससे गहरी नींद आने में मदद मिलती है।
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सोने से पहले स्क्रीन से बनाएं दूरी
- मोबाइल और अन्य स्क्रीन का ज्यादा उपयोग नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बन गया है।
- मोबाइल की ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव बनाए रखती है, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है। इसलिए सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
- इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपनी नींद में बड़ा सुधार देख सकते हैं। नियमित रूप से इन उपायों को फॉलो करने पर न सिर्फ नींद बेहतर होगी, बल्कि आप दिनभर ज्यादा एक्टिव और फ्रेश भी महसूस करेंगे।
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हल्का और सुपाच्य भोजन करें
रात के समय हमेशा हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। ज्यादा तला-भुना या भारी खाना पाचन तंत्र पर दबाव डालता है, जिससे गैस, एसिडिटी और बेचैनी हो सकती है। यही कारण है कि भारी भोजन करने के बाद नींद में बार-बार खलल पड़ता है। अगर आप रात में हल्का खाना खाएंगे, तो शरीर रिलैक्स रहेगा और नींद भी जल्दी और गहरी आएगी।
आयुर्वेद मानसिक तनाव को कम करने में मददगार
नींद सुधारने के लिए आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। ब्राह्मी और अश्वगंधा ऐसी ही दो प्रभावी जड़ी-बूटियां हैं, जो मानसिक तनाव को कम करने और दिमाग को शांत रखने में मदद करती हैं। इनका नियमित और सही तरीके से सेवन करने से नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
हालांकि, इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल बिना सलाह के नहीं करना चाहिए। किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेकर ही इनका सेवन करना सुरक्षित और ज्यादा फायदेमंद रहता है।











