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MLC उपचुनाव :बिहार में RJD की वापसी के संकेत? उपचुनाव जीतकर तेजस्वी ने बढ़ाई NDA की चिंता

यह सीट पूर्व MLC राधाचरण साह के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राधाचरण साह विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे, जिसके बाद उन्हें परिषद सदस्यता छोड़नी पड़ी।
बिहार में RJD की वापसी के संकेत? उपचुनाव जीतकर तेजस्वी ने बढ़ाई NDA की चिंता
Image Courtesy : ITG

बिहार की राजनीति में भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र का उपचुनाव काफी अहम माना जा रहा था। इस सीट पर तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सोनू राय ने जीत दर्ज कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। वहीं JDU प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद की हार ने सत्ता पक्ष की चिंता बढ़ा दी है।

12 मई को हुई थी वोटिंग

विधान परिषद की एक सीट के लिए निर्वाचन क्षेत्र में 12 मई को मतदान हुआ था, जिसका रिजल्ट गुरुवार को घोषित किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच आरा के राजकीय कन्या +2 उच्च विद्यालय में मतगणना हुई, जहां RJD उम्मीदवार सोनू राय ने जीत हासिल की।

यह सीट पूर्व MLC राधाचरण साह के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राधाचरण साह विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे, जिसके बाद उन्हें परिषद सदस्यता छोड़नी पड़ी। JDU ने उनके बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारा था, लेकिन पार्टी अपनी सीट बचाने में नाकाम रही।

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तेजस्वी यादव के लिए क्यों अहम है यह जीत?

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद RJD लगातार दबाव में थी। ऐसे में यह जीत पार्टी और तेजस्वी यादव दोनों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि विपक्ष के मनोबल को बढ़ाने वाला संकेत है। खास बात यह भी है कि यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब बिहार की सत्ता में बदलाव के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

इस जीत के बड़े मायने

  • RJD को विधानसभा चुनाव हार के बाद नई राजनीतिक ऊर्जा मिली
  • विधान परिषद में पार्टी की ताकत बढ़ेगी
  • NDA और JDU को मनोवैज्ञानिक झटका लगा
  • तेजस्वी यादव की रणनीति सफल होती दिखाई दी
  • विपक्षी राजनीति को नया मुद्दा और आत्मविश्वास मिला
  • ‘MY’ से आगे बढ़कर ‘A टू Z’ की राजनीति

इस जीत की सबसे बड़ी चर्चा तेजस्वी यादव की बदली हुई राजनीतिक रणनीति को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि इस बार RJD केवल मुस्लिम-यादव समीकरण पर निर्भर नहीं रही।

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पिछड़े वर्ग को साधेगी RJD

सोनू राय भूमिहार समाज से आते हैं। उनकी उम्मीदवारी के जरिए RJD ने सवर्ण और पिछड़े वर्गों को साथ जोड़ने की कोशिश की। पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि अब वह केवल एक खास वर्ग की नहीं, बल्कि सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी बनना चाहती है।

कितने प्रतिशत हुआ मतदान

इस उपचुनाव में करीब 98 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अपने आप में बेहद खास माना जा रहा है। भोजपुर और बक्सर दोनों जिलों में पुरुषों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया।

इतना ज्यादा मतदान यह दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर चुनाव को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी थी। यही वजह है कि इस नतीजे को बिहार की आने वाली राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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