
इंदौर। याचिका निरस्त होने से नाराज बुजुर्ग ने कोर्ट नंबर 40 के जज विजय दांगी की टेबल पर जूते की माला फेंकी। बुजुर्ग अपने बेटे के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसके बाद वहां मौजूद वकीलों ने पिता पुत्र को जमकर पीटा। उनके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने दोनों का बीच-बचाव किया। मामले में जज की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ये घटना शाम 4 बजे की है।
जानकारी के मुताबिक, आजाद नगर निवासी मोहम्मद सलीम पिता अब्दुल खालिद ने कोहिनूर कॉलोनी में अतिक्रमण की जमीन पर समाज के कथित लोगों द्वारा मस्जिद बनाने के विरोध में कोर्ट में केस दायर किया था। यह केस 12 साल से लंबित था। मंगलवार को दोनों पक्ष के लोग दोपहर एक बजे कोर्ट में फैसले की सुनवाई के लिए उपस्थित हुई। कोर्ट में अन्य पक्षकारों के मामले भी चल रहे थे। सलीम अपने बेटे मोहम्मद रईस के साथ आया था।
कोर्ट में ही बनाई थी माला
सुनवाई के दौरान कोर्ट में लंच हो गया। तब लंच में कोर्ट के बाहर वादी और परिवादी के जूते पड़े थे। सलीम ने नजर बचाकर तीन-चार जूतों की माला बनाई और अपने साथ लाई थैली में छिपा ली। जैसे ही लंच ब्रेक खत्म हुआ। जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका निरस्त कर दी। इससे नाराज होकर बुजुर्ग ने थैली से जूते की माला निकालकर जज को मारने के लिए फेंकी।
पक्षकारों व वकीलों ने पीटा
अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद अन्य पक्षकारों व वकीलों ने दोनों बाप बेटों की खूब पिटाई लगाई। कोर्ट में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बाप बेटों को बचाया और एमजी रोड थाने लेकर आया।
तीन थानों का बल तैनात किया
चूंकि, मामला जज की टेबल पर जूते की माला फैंकने का था, इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने एमजी रोड थाने के एसीपी विनोद दीक्षित, तुकोगंज थाना, सेन्ट्रल कोतवाली थाने का बल कोर्ट पहुंच गया और आक्रोशित लोगों को समझाइश देकर बाहर किया। इसी दौरान दूसरा पक्ष कुछ देर बाद कोर्ट से चला गया। एमजी रोड थाने पर जज की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
थाने के बाहर लगी भीड़
दोनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस थाने लाई तो यहां भी वकील और पक्षकार गण पहुंच गए। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के लेकर देर तक अधिकारियों से बात करने के लिए अड़े रहे। मामला शांत होने के बाद वकील वहां से रवाना हुए।