'दीदी ने मेरा साथ दिया, मैं...'!TMC में बगावत की चर्चा के बीच शत्रुघ्न सिन्हा का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी के कुछ सांसदों के भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने की अटकलों के बीच अब TMC सांसद और बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा है कि वह किसी भी हाल में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा कि जब उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब ममता बनर्जी ने उनका समर्थन किया था। ऐसे में आज जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही है, तो वह ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
'दीदी ने मेरा साथ दिया, मैं भी उनका साथ दूंगा'
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राजनीति में रिश्तों और विश्वास की बहुत अहमियत होती है। उन्होंने याद दिलाया कि जब वह राजनीतिक रूप से मुश्किल दौर में थे, तब ममता बनर्जी ने उन पर भरोसा जताया था और उन्हें पार्टी में सम्मानजनक स्थान दिया था।
उन्होंने कहा, 'जब मुझे जरूरत थी, तब दीदी ने मेरा साथ दिया। आज अगर उनके सामने चुनौतियां हैं, तो मैं उनका साथ छोड़ने वालों में नहीं हूं।' उनके इस बयान के बाद उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह भी टीएमसी छोड़कर एनडीए में शामिल होने वाले सांसदों की सूची में शामिल हैं।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे गए पत्र से मचा था भूचाल
कुछ दिनों पहले खबर सामने आई थी कि टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। इस कथित पत्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई गई थी। इस खबर के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई। चर्चा होने लगी कि टीएमसी के कई सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और जल्द ही बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
इसी दौरान शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी उन सांसदों की सूची में शामिल बताया गया था। हालांकि अब उनके बयान और करीबी सूत्रों की जानकारी के बाद यह साफ हो गया है कि उन्होंने किसी भी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह पत्र सामने आया था, उस दौरान शत्रुघ्न सिन्हा दिल्ली में भी मौजूद नहीं थे। इसलिए उनके हस्ताक्षर वाली खबरें पूरी तरह गलत बताई जा रही हैं।
किन सांसदों के नाम आए थे सामने?
टीएमसी के अंदर असंतोष की खबरों के बीच जिन सांसदों के नाम सामने आए, उनमें कई चर्चित चेहरे शामिल बताए गए हैं। इन नामों में यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान, पार्थ भौमिक, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, सायोनी घोष, रचना बनर्जी, असित मल, के रहमान, शर्मिला सरकार, मिताली बाग, कालीपद सोरेन, जून मालिया, माला रॉय, देव अधिकारी, शताब्दी रॉय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती जैसे नेताओं का नाम शामिल बताया जा रहा है।
हालांकि इन दावों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इन खबरों ने बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है। पहले शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी इसी सूची में जोड़ा जा रहा था, लेकिन अब उन्होंने खुद सामने आकर इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है।
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आसनसोल से सांसद हैं शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। बॉलीवुड से राजनीति में आए शत्रुघ्न सिन्हा लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय तक रहने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ी थी और बाद में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था।
TMC को राज्यसभा में भी झटके
एक तरफ लोकसभा सांसदों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, तो दूसरी तरफ राज्यसभा में भी TMC को लगातार झटके लग रहे हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद टीएमसी के लिए यह एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।
यानी कुछ ही दिनों के भीतर टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों ने अपने पद छोड़ दिए हैं। इससे पार्टी के अंदर चल रही हलचल और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है।
क्या TMC में बढ़ रहा है असंतोष?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत जरूर दिए हैं कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहा है।
इसी बीच शत्रुघ्न सिन्हा का खुलकर ममता बनर्जी के समर्थन में आना टीएमसी के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। उनके बयान ने कम से कम यह स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल पार्टी छोड़ने या किसी अन्य गठबंधन में जाने के मूड में नहीं हैं।











