PlayBreaking News

ईद पर घर लौटा ‘दंगा केस’आरोपी शरजील!सख्त शर्तों के बीच परिवार संग बिताएगा खास पल

6 साल तक तिहाड़ जेल में बंद रहने के बाद दिल्ली दंगा साजिश मामले के आरोपी शरजील इमाम को 10 दिनों की पेरोल मिली है। कोर्ट ने यह राहत मानवीय आधार पर दी है, ताकि वह अपने भाई की शादी में शामिल हो सके और अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके।
Follow on Google News
सख्त शर्तों के बीच परिवार संग बिताएगा खास पल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। करीब 6 साल से ज्यादा समय जेल में बिताने के बाद दिल्ली में हुए दंगों का मुख्य साजिशकर्ता शरजील इमाम आखिरकार 10 दिन की पेरोल पर अपने घर लौट आया। 21 मार्च को वह बिहार के जहानाबाद जिले के काको गांव पहुंचा। जैसे ही वह गांव में दाखिल हुआ, माहौल बदल गया खामोशी की जगह खुशी, और इंतजार की जगह सुकून ने ले ली। परिवार के लोग भावुक हो गए, आंखों में आंसू थे लेकिन चेहरे पर राहत साफ दिख रही थी।

    यह भी पढ़ें: ‘हमारे अधिकार कोई नहीं छीन सकता...’ Eid के मौके पर ममता का PM मोदी पर तीखा हमला, बोलीं- विदेश में हाथ मिलाते हैं, देश में बांटते हैं

    ईद के मौके पर खुशियां हुईं दोगुनी

    इस बार ईद शरजील के परिवार के लिए बेहद खास रही। सालों बाद वह अपने अपनों के साथ इस त्योहार को मना रहा है। गांव के लोग भी उससे मिलने पहुंचे और गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी।

    इन 2 वजहों से मिली कोर्ट से राहत

    दिल्ली की अदालत ने मानवीय आधार पर शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों की अंतरिम जमानत (पेरोल) दी है। इसके पीछे दो बड़ी वजहें रहीं पहली, उसके भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को लखनऊ में है और 28 मार्च को रिसेप्शन रखा गया है। दूसरी, उसकी मां की तबीयत काफी समय से खराब चल रही है। कोर्ट ने इन दोनों परिस्थितियों को समझते हुए शरजील को परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दी।

    ये भी पढ़ें: हत्या या हादसा? ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर उठे सवाल, समर्थकों का हाईवे जाम; आरोप- गौतस्करों ने ट्रक से कुचलकर मारा

    भाई से गले मिलते ही छलके आंसू

    जेल से बाहर आने के बाद शरजील ने सबसे पहले अपने परिवार को गले लगाया। भाई मुजम्मिल इमाम भी इस पल को लेकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 6 साल बाद भाई को अपने बीच देखना किसी सपने के सच होने जैसा है। पहले पेरोल मिलना मुश्किल था, लेकिन इस बार कोर्ट ने उनकी हालत को समझा। पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।

    पेरोल पर सख्त नियम भी लागू

    हालांकि शरजील को 10 दिनों की राहत मिली है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी हैं।

    • वह इस दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकता
    • केवल परिवार और करीबी लोगों से ही मिल सकता है
    • किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकता
    • इसके अलावा तय इलाके से बाहर नहीं जा सकता

    क्या है पूरा मामला?

    साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के बाद शरजील इमाम को मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल मानते हुए गिरफ्तार किया गया था। इन दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। तभी से वह तिहाड़ जेल में बंद था।

    इस साल 5 जनवरी को उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई थी। ऐसे में यह 10 दिन की पेरोल उसके लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts