प्रयागराज। बच्चों के यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ी जांच तेज हो गई है। प्रयागराज पुलिस बीते तीन दिनों से वाराणसी में मौजूद है। हालांकि, अब तक पुलिस आश्रम नहीं पहुंची है, लेकिन माना जा रहा है कि वह किसी भी वक्त शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल पुलिस उनसे संबंधित सबूतों को जुटाने और केस की कड़ियों को मजबूत करने में लगी हुई है।
यह मामला हाई-प्रोफाइल होने की वजह से पुलिस बेहद सतर्क मोड में नजर आ रही है। किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए जांच एजेंसियां पूरी तैयारी और कानूनी होमवर्क के बाद ही आगे की कार्रवाई करना चाहती हैं। संभावना जताई जा रही है कि पर्याप्त सबूत इकट्ठा होने के बाद ही शंकराचार्य या उनके शिष्यों से औपचारिक पूछताछ की जाएगी।
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इसी बीच बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व आज खतरे में है। उनके मुताबिक, जब केवल पहनावे के आधार पर लोग खुद को हिंदू बताने लगें और बार-बार हिंदू-हिंदू का नारा देने लगें, तो हिंदू समाज के लिए खतरा स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व को उन लोगों से ज्यादा खतरा है, जो वास्तव में हिंदू नहीं हैं, बल्कि सिर्फ दिखावे के लिए खुद को हिंदू बताते हैं।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पिछले एक–डेढ़ महीने से यह दावा किया जा रहा है कि और भी छात्रों के साथ यौन शोषण हुआ है। यदि यह सच है, तो फिर अन्य कथित पीड़ितों या आरोपियों को अब तक सामने क्यों नहीं लाया गया।
उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ वास्तव में अन्याय हुआ है और सिर्फ दो लोगों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराया गया है, तो इससे साफ होता है कि पूरे मामले के पीछे कोई साजिश हो सकती है। शंकराचार्य के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों को सुविधा के हिसाब से पेश किया जाएगा और जब समय उनके अनुकूल होगा, तभी अगली कार्रवाई सामने लाई जाएगी।