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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले :पुलिस के सवालों के लिए तैयार हूं मैं, जो पूछना है बेझिझक पूछे

इससे पहले, रविवार को पुलिस, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
पुलिस के सवालों के लिए तैयार हूं मैं, जो पूछना है बेझिझक पूछे
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वाराणसी। बच्चों से यौन शोषण के आरोप में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज पुलिस की एक टीम वाराणसी के लिए रवाना हो चुकी है। टीम द्वारा उनसे पूछताछ किए जाने की संभावना है और परिस्थितियों के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार सुबह वाराणसी स्थित आश्रम में अपने वकीलों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मामले की कानूनी स्थिति पर चर्चा कर आगे की रणनीति पर सलाह ली। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए वे हाईकोर्ट की मदद ले सकते हैं।

    शिकायतकर्ता के साथ पुलिस मेला क्षेत्र पहुंची

    इससे पहले, रविवार को पुलिस, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उस जगह का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। शिविर के एंट्री-निकास मार्ग, पीछे के रास्ते और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया।

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    कहां से हुई मामले की शुरुआत

    मामले की शुरुआत प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट से हुई, जहां आशुतोष महाराज ने दो नाबालिग बच्चों को पेश कर गंभीर आरोप लगाए। बच्चों के बयान कोर्ट में कैमरे के सामने दर्ज किए गए, जिसके बाद अदालत ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

    कोर्ट के निर्देश पर शनिवार देर रात झूंसी थाने में केस दर्ज किया गया। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।

    शंकराचार्य- मैंने आवाज उठाई तो इसे कूचला जा रहा

    अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पुलिस से वही डरता है, जिसने अपराध किया हो, जबकि निर्दोष व्यक्ति को किसी तरह का भय नहीं होता। उन्होंने दोहराया कि वे जांच से भागने वाले नहीं हैं और हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि वे गऊ माता के संरक्षण की आवाज उठा रहे हैं, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। अविमुक्तेश्वरानंद के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गऊ हत्या के मुद्दे पर उनकी आवाज बंद करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर गऊ हत्या को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसी के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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