शहडोल में 200 एकलव्य छात्र कलेक्टर से मिलने पैदल निकले, प्राचार्य की शिकायत लेकर 15 किमी से ज्यादा चले

शहडोल। जिले के जैतपुर स्थित बिरौड़ी एकलव्य आवासीय विद्यालय के करीब 200 विद्यार्थी बुधवार को अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल पड़े। विद्यार्थियों का कहना है कि वे विद्यालय के प्राचार्य से जुड़ी शिकायतें सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं। खबर लिखे जाने तक छात्र-छात्राएं स्कूल से निकलकर 15 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पैदल तय कर चुके थे। विद्यार्थियों ने साफ कहा कि वे अपनी शिकायत किसी स्थानीय अधिकारी के सामने रखने के बजाय सीधे जिला कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने विद्यालय परिसर से शहडोल की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया।
कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े विद्यार्थी
जैतपुर से शहडोल की दूरी करीब 70 किलोमीटर से अधिक है। इतनी लंबी दूरी के बावजूद विद्यार्थी रास्ते में नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। वे ‘कलेक्टर से मिलना है, हमारी मांगें पूरी करो’ जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांग पर कायम रहे। विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी शिकायतें विद्यालय के प्राचार्य से संबंधित हैं और वे चाहते हैं कि इस मामले को जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के सामने रखा जाए। इसी वजह से उन्होंने स्थानीय स्तर पर बातचीत के बजाय सीधे कलेक्टर से मुलाकात का रास्ता चुना।
स्कूल प्रबंधन और प्रशासन हुआ सक्रिय
विद्यार्थियों के पैदल रवाना होने की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन सक्रिय हो गया। प्राचार्य ने पहले विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने और उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांग से पीछे नहीं हटे। इसके बाद बीईओ, बीआरसी और शहडोल से एसी ट्राइबल आनंद राय सिन्हा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और शिकायतों के निराकरण का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के स्तर पर समझाइश और समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद विद्यार्थी कलेक्टर से सीधे मिलने की मांग पर अड़े रहे।
बच्चों की सुरक्षा के लिए भेजी गईं दो बसें
लंबी दूरी और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर दो बसें भेजीं। इसके बाद कुछ विद्यार्थी बसों में बैठ गए जबकि कई छात्र-छात्राएं अभी भी पैदल आगे बढ़ते रहे। प्रशासन की ओर से भेजी गई बसें पैदल चल रहे विद्यार्थियों के पीछे-पीछे चल रही हैं। इसके साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी विद्यार्थियों के साथ मौजूद हैं ताकि रास्ते में किसी तरह की परेशानी या सुरक्षा संबंधी स्थिति न बने।
रास्ते में चाय-नाश्ते की भी व्यवस्था
पैदल चल रहे विद्यार्थियों के लिए रास्ते में चाय, नाश्ता और बिस्किट की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। लंबी दूरी तय कर रहे विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार बस से ले जाने का प्रयास भी किया जा रहा है हालांकि कई छात्र अभी पैदल ही शहडोल की ओर बढ़ रहे हैं।
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एसी ट्राइबल ने कहा- समस्याओं के निराकरण का प्रयास जारी
एसी ट्राइबल आनंद राय सिन्हा ने बताया कि बच्चों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मौके पर दो बसें भेजी गई हैं। कुछ बच्चे बसों में बैठ गए हैं, जबकि कुछ अभी भी पैदल चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और अधिकारी भी बच्चों के साथ मौजूद हैं। विद्यार्थियों से अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने के लिए कहा गया है और उनके शिकायतों का तत्काल निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि विद्यार्थियों का कहना है कि वे अपनी बात सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं। इसी मांग के कारण उनका पैदल सफर जारी है।
प्राचार्य से जुड़ी शिकायतें बताने की मांग
विद्यार्थियों ने बताया कि वे विद्यालय के प्राचार्य से संबंधित कई शिकायतों को जिला प्रशासन के समक्ष रखना चाहते हैं। फिलहाल शिकायतों के सभी बिंदु सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। छात्र अपनी पूरी बात कलेक्टर के सामने रखने पर जोर दे रहे हैं। मामले में प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर उनकी शिकायतों के निराकरण का भरोसा दिया गया है। इसके बावजूद विद्यार्थी जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से मुलाकात करना चाहते हैं।
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लंबी दूरी के कारण प्रशासन के सामने चुनौती
जैतपुर से शहडोल की दूरी 70 किलोमीटर से ज्यादा होने के कारण विद्यार्थियों का पैदल सफर प्रशासन के लिए भी चुनौती बना हुआ है। एक ओर बच्चों की शिकायतों को सुनकर उनका समाधान करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर इतनी लंबी दूरी तक पैदल जा रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।



















