सिवनी के जंबो सीताफल की मिठास अब दुबई तक पहुंचेगी, 31 अक्टूबर को पहली खेप होगी रवाना

सिवनी/छपारा। जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है। सिवनी में उत्पादित बड़े आकार और बेहतर गुणवत्ता वाले ‘जंबो सीताफल’ की मिठास अब दुबई तक पहुंचेगी। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला प्रशासन की पहल पर पहली बार सिवनी के जंबो सीताफल का दुबई निर्यात किया जा रहा है।
31 अक्टूबर 2026 को सीताफल की पहली खेप जिला कलेक्टर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की जाएगी। इसे जिले के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और किसानों के लिए नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जंबो सीताफल छपारा को देगा विशेष पहचान
यह उपलब्धि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित ‘सीताफल से समृद्धि अभियान’ के तहत किए गए प्रयासों का परिणाम है। अभियान के माध्यम से जिले में सीताफल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, मूल्य संवर्धन और विपणन पर जोर दिया जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिवनी की जलवायु और मिट्टी यहां उत्पादित जंबो सीताफल को विशेष पहचान प्रदान करती है। इसका बड़ा आकार, मिठास और गुणवत्ता इसे बाजार में विशिष्ट बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ-साथ ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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स्वसहायता समूह उपलब्ध कराएगा सीताफल
उद्यानिकी विभाग के अनुसार, दुबई भेजी जाने वाली पहली खेप के लिए जिले के स्वसहायता समूह के माध्यम से सीताफल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद फलों की छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की जाएगी।
निर्यात के लिए तैयार खेप को नागपुर से कार्गाे के माध्यम से दुबई भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में उद्यानिकी विभाग और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से किसानों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
किसानों के लिए खुलेंगे नए अवसर
जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग को उम्मीद है कि सिवनी के जंबो सीताफल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने से भविष्य में खाड़ी देशों सहित अन्य बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर बढ़ेंगे। इससे स्थानीय किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वसहायता समूहों को लाभ मिल सकता है।
प्रशासन ने इस पहल से जुड़े सीताफल उत्पादकों, एफपीओ सदस्यों, स्वसहायता समूहों और अभियान की टीम को बधाई दी है। सिवनी के स्थानीय कृषि उत्पाद को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला कदम है।




















