जमानती वारंट के बाद भी हाजिर नहीं हुए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, हाईकोर्ट ने दिया दो सप्ताह का समय

जबलपुर। जस्टिस दीपक खोत की सिंगल बेंच ने कहा कि इस बार आदेश का पालन नहीं हुआ, तो कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षाकर और छिंदवाड़ा के डीईओ गोपाल सिंह बघेल को अगली सुनवाई पर हाजिर रहना होगा। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय की गई है।
जमानती वारंट के बाद भी कोर्ट में नहीं हुए पेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ 5-5 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए थे। इसके बावजूद शुक्रवार को डॉ. गोयल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से पिछले आदेश का पालन करने के लिए दोबारा समय मांगा गया।
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हाईकोर्ट ने दिया दो सप्ताह का समय
जस्टिस दीपक खोत की सिंगल बेंच ने आदेश पालन के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस बार भी आदेश का पालन नहीं किया गया, तो कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षाकर और छिंदवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल को 17 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।
रिटायर्ड सहायक शिक्षिका ने दायर की अवमानना याचिका
अवमानना का यह मामला छिंदवाड़ा की रिटायर्ड सहायक शिक्षिका सुषमा गादरे ने दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के 23 सितंबर 2024 के आदेश के बाद भी उनसे वेतन की वसूली की जा रही है, जो अवैधानिक है। इसी मामले में आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे।
17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का समय देते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहना होगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गौतम प्रसाद पैरवी कर रहे हैं।




















