सीहोर में जूते-चप्पलों की दुकान बनी आग का गोला, बागेश्वर धाम गए थे दुकान संचालक; 8 दमकलें पहुंचीं

सीहोर। मंडी चौराहा शुक्रवार आधी रात उस समय दहशत में आ गया, जब एनके एंटरप्राइजेज की दो मंजिला जूते-चप्पलों की थोक दुकान अचानक आग के गोले में बदल गई। रात करीब 11 बजे अज्ञात कारणों से दुकान के अंदर आग भड़की। करीब 11:45 बजे मस्जिद मोहल्ले और आसपास के लोगों ने दुकान से धुआं निकलते देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही करीब 12 बजे फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन बंद शटर ने राहत अभियान को और मुश्किल बना दिया। अंदर भरे जूते-चप्पलों के भारी स्टॉक ने आग को ऐसा ईंधन दिया कि लपटें बुझने के बाद भी बार-बार भभकती रहीं।
बंद शटर के पीछे बढ़ता गया आग का तांडव
दुकान के शटर बंद होने के कारण शुरुआती दौर में आग भीतर ही भीतर तेजी से फैलती रही। फायरकर्मियों ने पहले शटर खोलने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति को देखते हुए आखिरकार शटर तोड़कर अंदर पहुंचने की कार्रवाई करनी पड़ी। शटर टूटने के बाद जब दमकलकर्मियों ने भीतर प्रवेश किया तो दुकान के दोनों तल आग की चपेट में थे। धुएं और गर्मी के बीच आग बुझाने में फायरकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जूते-चप्पलों के भारी स्टॉक ने बढ़ाई चुनौती
एनके एंटरप्राइजेज में नितिन साहू और शैलेंद्र(श्लोक) शिवहरे जूते-चप्पलों का थोक कारोबार करते हैं। बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले ही दुकान में बड़ी मात्रा में नया स्टॉक भरा गया था। नीचे के तल के साथ दूसरी मंजिल पर भी भारी मात्रा में माल रखा था। जूते-चप्पलों के लगातार जलने से आग बार-बार तेजी से भड़कती रही और दमकलकर्मियों के सामने चुनौती बनी रही।
एक बार शांत, फिर अचानक भभक उठती थीं लपटें
आग का सबसे खतरनाक पहलू यह रहा कि पानी डालने के बाद कुछ देर के लिए लपटें शांत होतीं और फिर अचानक अंदर से आग दोबारा भभक उठती। कभी दूसरी मंजिल पर आग तेज होती तो कभी नीचे के हिस्से से धुआं और लपटें उठने लगतीं। इस बदलते स्वरूप ने आग बुझाने के अभियान को लंबा खींच दिया। फायरकर्मियों को बार-बार अलग-अलग हिस्सों पर पानी डालना पड़ा।
आठ दमकलें उतरीं, पानी खत्म हुआ तो टैंकर बुलाया
आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर करीब एक के बाद एक आठ फायर ब्रिगेड को लगाना पड़ा। दमकल वाहनों का पानी खत्म होते ही उन्हें दोबारा पानी भरने भेजा जाता रहा। स्थिति को देखते हुए पानी का टैंकर भी मौके पर बुलाया गया। इसके अलावा गेल इंडिया की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल ने भी आग बुझाने के अभियान में सहयोग किया। लगातार कई घंटों तक दमकल वाहन आग से जूझते रहे।

रात 1:30 बजे पीछे की तरफ भी भड़क उठी आग
आग बुझाने की कोशिशों के बीच करीब रात 1:30 बजे दुकान के पीछे की ओर भी लपटें उठने लगीं। इससे आसपास की दुकानों और रिहायशी भवनों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई। मंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। आग फैलने की आशंका के चलते लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर स्थिति पर नजर बनाए रहे।
पड़ोसी हार्डवेयर दुकान का सामान रात में कराया खाली
एनके एंटरप्राइजेज से लगी अग्रवाल हार्डवेयर की दुकान भी आग के खतरे की जद में आ गई। दोनों दुकानों की दीवार एक-दूसरे से लगी होने के कारण आग के फैलने की आशंका बनी हुई थी। सूचना मिलते ही दुकान संचालक दीपक अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने खतरा बढ़ता देख हार्डवेयर दुकान का सामान रात में ही बाहर निकलवाना शुरू कर दिया। पाइप और अन्य सामान तत्काल खाली कराया गया, ताकि आग फैलने की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।
ऊपरी मंजिल पर आग पहुंची तो परिवार में मची दहशत
दुकान से लगी बिल्डिंग में रहने वाले सतनारायण अग्रवाल ने बताया कि आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं। रात करीब 1:30 बजे दूसरी मंजिल के ऊपरी हिस्से और पीछे की तरफ आग भड़कने लगी। इससे परिवार के लोगों में भय की स्थिति बन गई। आग को नियंत्रित करने के लिए ऊपर की पानी की टंकी से भी पानी का छिड़काव किया गया। जब आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, तब आसपास रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली।
बागेश्वर धाम पहुंचे थे दोनों संचालक, सूचना मिलते ही लौटे
आगजनी के समय दुकान संचालक नितिन साहू और शैलेंद्र शिवहरे सीहोर में मौजूद नहीं थे। शैलेंद्र शिवहरे के भाई राजेश शिवहरे ने बताया कि दोनों शुक्रवार को ही बागेश्वर धाम दर्शन के लिए गए थे। दुकान में आग लगने की सूचना मिलते ही दोनों ने अपनी यात्रा बीच में रोक दी और सीहोर के लिए वापस रवाना हो गए। आग की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे।
एक महीने पहले पिता की मौत, अब आग ने दिया दूसरा बड़ा झटका
शैलेंद्र शिवहरे के पिता राधेश्याम शिवहरे का करीब एक माह पहले 6 सितंबर को निधन हुआ था। परिवार अभी इस दुख से उबरने की कोशिश ही कर रहा था कि एक महीने के भीतर आगजनी की इस घटना ने परिवार को फिर झकझोर दिया। दुकान में भारी मात्रा में माल भरा होने के कारण आर्थिक नुकसान भी बड़ा होने की आशंका है।
सीएसपी और थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा और मंडी थाना प्रभारी अर्चना चौहान मौके पर पहुंच गईं। दोनों अधिकारियों ने आग बुझाने के अभियान की स्थिति पर नजर रखी और संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भीड़ को नियंत्रित करने तथा आसपास की दुकानों और मकानों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस सक्रिय रही।
नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद प्रतिनिधि भी पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और वार्ड 23 के पार्षद प्रतिनिधि दिलीप राठौर भी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए चल रहे अभियान की जानकारी ली गई। आसपास के लोगों में आग को लेकर बनी दहशत के बीच प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी से स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिली।
तीन घंटे बाद बुझी आग, लेकिन नुकसान ने छोड़े कई सवाल
करीब तीन घंटे तक लगातार चले दमकल अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि दुकान में रखा बड़ी मात्रा में जूते-चप्पलों का स्टॉक जलकर खाक होने की आशंका है। प्रारंभिक तौर पर लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है। आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही आग के कारण और वास्तविक आर्थिक नुकसान की स्थिति साफ हो सकेगी।
मंडी क्षेत्र में देर रात तक पसरा रहा खौफ
आग बुझने तक मंडी चौराहा और आसपास का क्षेत्र लोगों से भरा रहा। दो मंजिला दुकान से उठती लपटें, लगातार पहुंचती दमकलें, पानी के लिए दौड़ते वाहन और आसपास की दुकानों से सामान बाहर निकालते लोग पूरी रात अफरा-तफरी का माहौल दिखाते रहे। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और आसपास के रिहायशी एवं व्यावसायिक भवनों को बड़ी चपेट में आने से बचा लिया गया।




















