सीहोर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: 4.71 लाख हितग्राहियों ने ली दवा, 9 अक्टूबर को होगा मॉप-अप राउंड

सीहोर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर मंगलवार को जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। स्कूलों से लेकर आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों तक बच्चों एवं पात्र हितग्राहियों को कृमिनाशक दवा का सेवन कराया गया। जिले में 6 लाख 54 हजार 666 हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया था, लेकिन अभियान के पहले चरण में 4 लाख 71 हजार 359 हितग्राहियों को ही दवा खिलाई जा सकी। अब शेष 1 लाख 83 हजार 307 हितग्राहियों तक पहुंचने के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा।
4.71 लाख हितग्राहियों को दवा का सेवन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में चिन्हांकित हितग्राहियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का अभियान संचालित किया गया। मंगलवार को 4 लाख 71 हजार 359 हितग्राहियों ने दवा का सेवन किया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो हितग्राही अभियान के दौरान दवा लेने से वंचित रह गए हैं, उन्हें अब दोबारा चिन्हांकित कर मॉप-अप राउंड में कवर किया जाएगा।
विधायक ने बच्चों को खिलाई कृमिनाशक दवा
अभियान का जिला स्तरीय आयोजन शासकीय सांत्वनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मंडी सीहोर में हुआ। विधायक सुदेश राय ने बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अभियान का उद्देश्य बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाना और उनके स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर करना है।
राज्य स्तर की टीम ने भी लिया जायजा
राज्य स्तर से डॉ. अर्चना मिश्रा, वरिष्ठ संयुक्त संचालक (एमसीएच), ने बिलकिसगंज स्थित साईनाथ पब्लिक स्कूल पहुंचकर कृमि मुक्ति दिवस की गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभियान के तहत दवा सेवन, हितग्राहियों की भागीदारी और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। राज्य स्तर से निगरानी के चलते जिले में संचालित अभियान की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
स्कूल से आंगनवाड़ी तक चला अभियान
सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया के मार्गदर्शन में जिले की शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, मदरसों और ट्राइबल हॉस्टलों में अभियान चलाया गया। विभिन्न विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में भागीदारी की और बच्चों तथा किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा का सेवन कराया।
1 से 19 वर्ष तक के बच्चों पर फोकस
शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 400 मिलीग्राम एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। इसके साथ 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग की प्रजनन आयु की महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया गया। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को इस अभियान के तहत दवा नहीं दी गई।
कृमि संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
सीएमएचओ डॉ. डेहरिया ने बताया कि पेट में कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। संक्रमण के कारण शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता प्रभावित होती है। इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है और कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी तथा थकान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
9 अक्टूबर को छूटे हितग्राहियों पर फोकस
स्वास्थ्य विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अभियान से छूटे 1 लाख 83 हजार 307 हितग्राहियों तक पहुंचने की है। इसके लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि 6 अक्टूबर को दवा सेवन से वंचित रह गए बच्चों और पात्र हितग्राहियों को निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, विद्यालय अथवा स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर दवा का सेवन जरूर कराएं।
लक्ष्य पूरा करना विभाग के सामने चुनौती
पहले चरण में 4.71 लाख हितग्राहियों को दवा दिए जाने के बाद अब निगाहें 9 अक्टूबर के मॉप-अप राउंड पर टिकी हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अभियान से छूटे प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचकर कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाए, ताकि जिले में कृमि संक्रमण की रोकथाम के अभियान को अपेक्षित परिणाम मिल सकें।




















