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सीहोर में बारिश का रौद्र रूप; सड़कें-घर डूबे, नदियां उफनीं,श्यामपुर में 8 इंच पानी गिरा,पुलिया पर 6 घंटे फंसी एंबुलेंस

सीहोर में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश से नदी-नाले उफने। श्यामपुर में 8.27 इंच पानी गिरा। रास्ते बंद हुए, घर-दफ्तर डूबे और गर्भवती महिला को रेस्क्यू करना पड़ा।
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 सीहोर में बारिश का रौद्र रूप; सड़कें-घर डूबे, नदियां उफनीं,श्यामपुर में 8 इंच पानी गिरा,पुलिया पर 6 घंटे फंसी एंबुलेंस
सीहोर की सीवन नदी हुई लबालब

सीहोर। मानसून ने सोमवार को सीहोर जिले में ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रातभर हुई बारिश ने शहर से गांव तक जिंदगी की रफ्तार रोक दी। महज 24 घंटे में जिले में औसतन 3.96 इंच यानी 100.7 मिमी पानी बरसा। श्यामपुर में सबसे ज्यादा 8.27 इंच यानी 210 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सीहोर शहर में 6.69 इंच यानी 170 मिमी पानी गिरा। लगातार बारिश से सीवन और कुलासी सहित कई नदियां उफान पर आ गईं, नाले सड़कों के ऊपर बहने लगे और कई गांवों का संपर्क टूट गया। सबसे चिंता की तस्वीर जमनी में सामने आई, जहां गर्भवती महिला को अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस जलमग्न पुलिया पर घंटों फंसी रही। बाद में प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने महिला को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

रातभर बरसा पानी, सुबह होते-होते बिगड़ गए हालात

रविवार रात करीब 12 बजे से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक लगातार जारी रही। कुछ ही घंटों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के निचले हिस्सों में पानी भर गया। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बहने लगी, जबकि सीटू नाला भी मछली पुल के ऊपर से बहता दिखाई दिया। नदी-नालों के तेज बहाव ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया।

श्यामपुर में 8.27 इंच, सीहोर में 6.69 इंच पानी

भू-अभिलेख विभाग की 10 अगस्त की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में श्यामपुर में 210 मिमी यानी 8.27 इंच बारिश हुई। सीहोर में 170 मिमी यानी 6.69 इंच, रेहटी में 118.6 मिमी यानी 4.67 इंच, बुधनी में 104 मिमी यानी 4.09 इंच, भेरूंदा में 82 मिमी यानी 3.23 इंच और इछावर में 77 मिमी यानी 3.03 इंच बारिश दर्ज की गई। आष्टा में 35 मिमी यानी 1.38 इंच और जावर में महज 9 मिमी यानी 0.35 इंच बारिश हुई।

सड़कें बनीं दरिया, कई प्रमुख रास्तों पर आवाजाही बंद

बारिश के बाद जिले के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। श्यामपुर बस स्टैंड का रास्ता बंद रहा। दोराहा जोड़ से सीहोर मंडी मार्ग भी अवरुद्ध हो गया। चरनाल-हिंगोनी, श्यामपुर-घाटपलासी और बरखेड़ा हसन-नाईहेड़ी मार्ग पर भी पानी के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। अहमदपुर मार्ग पर भी यातायात रोकना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में रपट और पुलिया के ऊपर पानी आने से लोगों को जोखिम उठाकर निकलने से रोकना पड़ा।

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श्यामपुर के गांवों में घरों तक पहुंचा पानी

मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर श्यामपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। श्यामपुर, चरनाल, झरखेड़ा और छतरी सहित कई गांवों में मकानों के अंदर पानी भर गया। खंडवा गांव में भी कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। छापरीदोराहा और वानखेड़ा में दो कच्चे मकानों के मामूली रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना सामने आई। अचानक घरों में पानी घुसने से परिवारों के सामने सामान बचाने और सुरक्षित स्थान तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई।

जमनी में जलमग्न पुलिया पर फंसी एंबुलेंस, गर्भवती महिला की जिंदगी दांव पर

बारिश के बीच सबसे संवेदनशील स्थिति जमनी-पड़ली मार्ग पर बनी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी नीची पुलिया पर आसपास के गांवों का पानी तेज बहाव के साथ आ गया। इसी दौरान जमनी निवासी गर्भवती महिला खुशी, पिता लाल सिंह, को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन पुलिया पर पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। बताया गया कि एंबुलेंस सुबह करीब 5 बजे से रास्ते में 6 घंटे फंसी रही। वाहन में गर्भवती महिला के होने की जानकारी सामने आने के बाद हालात और गंभीर हो गए। परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती गई।

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रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा, गर्भवती महिला को सुरक्षित निकाला

स्थिति की सूचना प्रशासन तक पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एसडीएम तन्मय वर्मा के निर्देश पर प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। होमगार्ड की रेस्क्यू बोट की मदद से गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। रेस्क्यू के दौरान जवानों ने तेज बहाव के बीच पूरी सावधानी बरती। एक ओर उफनता पानी था तो दूसरी ओर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की जिंदगी बचाने की चुनौती। प्रशासन और रेस्क्यू टीम की तत्परता से महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।

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8-10 साल से पुलिया ऊंची करने की मांग, हर बारिश में बनता है संकट

ग्राम पंचायत के सरपंच आशीष मेवाड़ा के अनुसार पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने के लिए ग्रामीण पिछले 8 से 10 वर्षों से प्रधानमंत्री सड़क परियोजना विभाग से मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल पुलिया डूब जाती है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित होता है। इस बार गर्भवती महिला की एंबुलेंस फंसने से समस्या की गंभीरता फिर सामने आ गई है।

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कुलासी नदी उफनी, एक दर्जन गांवों का सड़क संपर्क टूटा

श्यामपुर क्षेत्र में तेज बारिश के बाद कुलासी नदी भी उफान पर आ गई। नदी का पानी आसपास के इलाकों तक पहुंचने से करीब एक दर्जन गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ। कई ग्रामीण रास्तों पर पानी और तेज बहाव के कारण आवागमन रोकना पड़ा। किसानों के खेतों में भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नदी का पानी और आसपास के घरों तक पहुंच सकता है।

सीवन और पार्वती नदी में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

जिले की सीवन और पार्वती नदी में भी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ गया। सीवन नदी के चद्दर पुल पर पानी ऊपर से बहता रहा। सावन के चलते सीवन नदी से जल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री कुबेरेश्वर धाम की ओर जा रहे हैं। ऐसे में नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। लोगों को नदी, नालों और रपटों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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बिजली कार्यालय और सब-स्टेशन भी पानी में घिरे

तेज बारिश का असर जिला मुख्यालय के सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों पर भी पड़ा। विद्युत वितरण कंपनी का जोन-2 कार्यालय और 33 केवी सब-स्टेशन परिसर जलमग्न हो गया। स्टेशन रोड स्थित मां मनसा देवी मंदिर परिसर में भी पानी घुस गया। शहर के कई निचले हिस्सों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेहटी अब तक सबसे आगे, 27.59 इंच बारिश

मानसून सीजन में 1 जून से 10 अगस्त तक जिले में औसत 618 मिमी यानी 24.33 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य मानसूनी औसत 45.21 इंच है। तहसीलवार आंकड़ों में रेहटी 700.8 मिमी यानी 27.59 इंच के साथ सबसे आगे है। सीहोर में 25.98 इंच, बुधनी में 25.28 इंच, आष्टा में 24.49 इंच, भेरूंदा में 24.13 इंच, इछावर में 23.74 इंच, श्यामपुर में 23.36 इंच और जावर में 20.04 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।

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पिछले साल की तुलना में औसत बारिश 1.33 इंच कम

10 अगस्त तक जिले की औसत बारिश पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33.9 मिमी यानी करीब 1.33 इंच कम है। पिछले साल इस अवधि तक औसत 651.9 मिमी यानी 25.67 इंच बारिश हुई थी। इस साल यह आंकड़ा 618 मिमी है। हालांकि तहसीलवार तस्वीर अलग है। आष्टा और जावर में पिछले साल की तुलना में अधिक बारिश हुई है, जबकि बुधनी और रेहटी में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है।

अगले 24 से 48 घंटे भारी बारिश का खतरा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। मानसूनी द्रोणिका भी सीहोर और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नदी-नालों और रपटों का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न लें और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma
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