सोहागपुर में पहली बाढ़ ने तोड़ा रपटा, रामगंज-मातापुरा मार्ग बंद; स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में पिछले 24 घंटे से जारी तेज बारिश के बाद पलकमती नदी में पहली बाढ़ आ गई। तेज बहाव के कारण रामगंज-मातापुरा वार्ड को जोड़ने वाले रपटे का कांक्रीट फर्श आधे हिस्से में बह गया। पानी का दबाव इतना तेज था कि रपटे के ऊपर बना मोटा कांक्रीट का फर्श कई हिस्सों में टूटकर बह गया। बचे हुए हिस्से में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। हादसे के बाद इस मार्ग से आवाजाही बंद हो गई है।
बाईपास मार्ग बंद होने से 5 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा
रामगंज-मातापुरा को जोड़ने वाला यह रपटा सोहागपुर शहर के बाईपास मार्ग के तौर पर भी इस्तेमाल होता है। रपटे के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रेवाबनखेड़ी, कलमेशरा, हीरापुर साइड समेत आसपास के कई गांवों के बच्चे स्टेट हाईवे स्थित आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में आने-जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। मार्ग बंद होने के कारण अब सैकड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहनों को करीब 5 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाकर स्कूल और अन्य स्थानों तक पहुंचना पड़ रहा है।
श्रावण में शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी बढ़ी परेशानी
फिलहाल श्रावण मास चल रहा है। हर सोमवार पलकमती नदी के इसी रपटे से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, खासकर महिलाएं, स्टेट हाईवे स्थित प्राचीन शिव-पार्वती मंदिर पहुंचती हैं और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करती हैं। रपटा क्षतिग्रस्त होने और ऊपर पानी का बहाव होने के कारण अब श्रद्धालुओं को भी लंबा रास्ता तय करके मंदिर पहुंचना पड़ रहा है। स्कूली विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण होने के कारण स्थानीय स्तर पर जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग उठ रही है।
रपटे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज
बाढ़ में रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी पुष्पराज सिंह पटेल ने सोशल मीडिया के जरिए सत्ताधारी भाजपा पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इसी नदी पर एक रपटे का निर्माण कांग्रेस शासनकाल में हुआ था। उस समय क्षेत्र की विधायक अंबिका शुक्ला और नगर परिषद अध्यक्ष संतोष मालवीय थे। वहीं इसी नदी पर दूसरे रपटे का निर्माण भाजपा शासनकाल में हुआ, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधायक विजयपाल सिंह और नगर परिषद अध्यक्ष भाजपा से थे। पुष्पराज सिंह पटेल ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए दोनों निर्माणों की तुलना की है।
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तत्काल मरम्मत की जरूरत
रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाना जरूरी है। प्रशासन के सामने विकल्प के तौर पर पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की उचित मरम्मत कर मार्ग बहाल करने या जरूरत पड़ने पर नए डिजाइन के छोटे पुल के निर्माण की डीपीआर तैयार करने की मांग उठ रही है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में पलकमती नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका के बीच क्षतिग्रस्त रपटे की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
बारिश से धान की फसल को मिली राहत
सोहागपुर और आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान के खेतों में दरारें आने की खबरें सामने आ रही थीं। हालांकि जिले के दूसरे हिस्सों में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही थी लेकिन सोहागपुर क्षेत्र में किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब पिछले 24 घंटे से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। इससे धान की फसल को राहत मिली है और किसानों के चेहरे पर भी रौनक लौटती नजर आ रही है। लगातार बारिश से खेतों में नमी पहुंचने के कारण किसानों को फसल के लिए राहत मिली है।
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नगर पंचायत ने शुरू कराई तत्काल कार्रवाई
नगर पंचायत अध्यक्ष लता यशवंत पटेल ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया है। वहीं नगर पंचायत सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि बाढ़ के साथ नदी में बहकर आए कचरे को हटाने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। तेज बारिश और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए रपटे का निरीक्षण करने के लिए टीम भी भेजी गई है। सीएमओ के अनुसार तत्काल सुधार कार्य शुरू किया जा रहा है, ताकि मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जा सके।
Edited By: Sumit Shrivastava














