महिलाओं के चेंजिंग रूम में घड़ी के अंदर हिडन कैमरा! बिलकिसगंज अस्पताल में हड़कंप, मंत्री का काफिला रोका

बिलकिसगंज CHC में घड़ी के अंदर संदिग्ध कैमरा-मेमोरी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने निजता की सुरक्षा और दोषी की पहचान के लिए जांच की मांग की।
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महिलाओं के चेंजिंग रूम में घड़ी के अंदर हिडन कैमरा! बिलकिसगंज अस्पताल में हड़कंप, मंत्री का काफिला रोका
अस्पताल की घड़ी में छिपा कैमरा-मेमोरी कार्ड मिलने से सनसनी, महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने मंत्री से मांगी जांच

सीहोर। जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीवार पर लगी घड़ी के अंदर संदिग्ध हिडन कैमरा और मेमोरी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। अस्पताल में काम करने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे निजता और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस स्थान पर महिलाएं कपड़े बदलती हैं, वहां इस तरह का उपकरण मिलना बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। यह जानकारी 13 अगस्त को सामने आई थी।

कैमरा किसने लगाया, जांच से खुलेगा राज

महिला स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार घड़ी के भीतर कैमरा और मेमोरी कार्ड मिलने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि उपकरण किसने लगाया, कब लगाया और उसका उद्देश्य क्या था। कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कैमरा लगाने वाले व्यक्ति की पहचान करने की मांग की है। मेमोरी कार्ड में क्या रिकॉर्डिंग है और उसमें कितने समय का डेटा मौजूद है, यह भी जांच का अहम बिंदु है।

दूसरे कमरों की भी जांच की मांग

घटना सामने आने के बाद महिला कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि केवल एक कमरे में उपकरण मिलने के आधार पर जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए। अस्पताल के अन्य कमरों, महिला कर्मचारियों के उपयोग वाले स्थानों और संवेदनशील हिस्सों की भी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं और तो ऐसे उपकरण नहीं लगाए गए हैं।

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कार्रवाई में देरी से बढ़ा आक्रोश

कर्मचारियों का आरोप है कि कैमरा मिलने के बाद भी विभागीय स्तर पर मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया। कार्रवाई में कथित देरी से नाराज महिला स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ ने वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

मंत्री का काफिला रोककर सौंपा ज्ञापन

मामले को लेकर महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने सीहोर जिले से निकल रहे राजस्व मंत्री एवं इछावर विधायक करण सिंह वर्मा का काफिला रोक लिया। कर्मचारियों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने अस्पताल में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।

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मंत्री ने सुनी शिकायत, जांच का दिया भरोसा

महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने मंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का संदिग्ध कैमरा मिलना कर्मचारियों की निजता और सुरक्षा से जुड़ा मामला है। मंत्री करण सिंह वर्मा ने कर्मचारियों की बात सुनी और मामले में जांच तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बीएमओ बोले- नियमों के तहत कार्रवाई जारी

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत निष्पक्ष कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संदिग्ध कैमरा अस्पताल में किसने लगाया था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

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मेमोरी कार्ड की जांच से सामने आ सकती है अहम जानकारी

मामले में बरामद मेमोरी कार्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यदि इसमें कोई रिकॉर्डिंग मिलती है तो उससे कैमरे के इस्तेमाल और घटना से जुड़े तथ्यों की कड़ियां जुड़ सकती हैं। फिलहाल कर्मचारियों की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और अस्पताल के सभी संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा जांच कराई जाए।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

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