बाबरी से रमगड़ा तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, डीजे की धुन पर घोड़े के नृत्य ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

सीहोर। सावन की भक्ति और आस्था से सराबोर भेरून्दा तहसील के ग्राम पंचायत बाबरी में बुधवार को माहौल देखते ही बन रहा था। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्त, हाथों में कांवड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए जब रमगड़ा के लिए निकले तो पूरा गांव ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों से गूंज उठा। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली इस भव्य कांवड़ यात्रा ने गांव की गलियों को मानो शिवभक्ति के रंग में रंग दिया।
पवित्र जल लेकर रमगड़ा के लिए रवाना हुए कांवड़िए
ग्राम बाबरी से श्रद्धालुओं ने पवित्र जल लेकर धार्मिक स्थल रमगड़ा की ओर प्रस्थान किया। कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी यात्रा में शामिल हुए। हर कदम के साथ बढ़ता उत्साह और भगवान शिव के जयकारे वातावरण में भक्ति की ऊर्जा भर रहे थे। श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान से ज्यादा भोलेनाथ के प्रति आस्था और समर्पण नजर आया।
ढोल-डीजे की धुन पर झूमते रहे शिवभक्त
यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धार्मिक धुनों ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। भगवा वस्त्र पहने युवा शिवभक्त भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। वहीं पीली और भगवा साड़ियों में सजी महिलाओं ने मंगल गीतों और भोलेनाथ के जयकारों के साथ यात्रा की शोभा बढ़ाई। बुजुर्ग श्रद्धालु भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में कदम से कदम मिलाते दिखाई दिए।
डीजे की धुन पर घोड़े ने किया मनमोहक नृत्य
कांवड़ यात्रा का सबसे खास और आकर्षक दृश्य सजे-धजे घोड़े का नृत्य रहा। डीजे और ढोल की थाप सुनते ही घोड़ा लय में थिरकने लगा। उसका शानदार नृत्य देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु रोमांचित हो उठे और तालियों से उसका उत्साह बढ़ाया। कई लोगों ने इस अनोखे और मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।

रास्तेभर पुष्पवर्षा से हुआ कांवड़ियों का स्वागत
बाबरी से रमगड़ा तक यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। सेवा का यह भाव यात्रा की सुंदरता को और बढ़ा रहा था। ग्रामीणों ने कांवड़ियों के लिए शुद्ध पेयजल, जलपान और फलाहार की व्यवस्था कर शिवभक्तों की सेवा की।
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सेवा और सहयोग ने बढ़ाई यात्रा की गरिमा
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकजुटता और सेवा भावना का भी उदाहरण बनी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों ने पूरे मार्ग में व्यवस्थाओं में सहयोग किया। सेवा करने वाले ग्रामीणों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार कांवड़ियों की सेवा में जुटा नजर आया।
आयोजन में इनका रहा विशेष सहयोग
भव्य कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन में शांतू लाल जी जादोनी, सतीश जादोनी, संजय जादोनी, रामकृष्ण जादोनी एवं जगदीश जादोनी का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
आस्था ने बांधा गांव को एक सूत्र में
बाबरी से रमगड़ा तक निकली यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक एकता और सेवा भावना की मिसाल बन गई। जयकारों, ढोल की थाप, पुष्पवर्षा और भक्ति में डूबे चेहरों के बीच ऐसा लगा मानो पूरा क्षेत्र कुछ घंटों के लिए भोलेनाथ की भक्ति में एकाकार हो गया हो। सावन की इस पावन यात्रा ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और उत्साह की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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