SBI Strike:कर्मचारियों की 25-26 मई को देशव्यापी हड़ताल, लगातार 5 दिन प्रभावित रह सकती हैं बैंकिंग सेवाएं

SBI के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल का असर देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है। यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन के बैनर तले की जा रही है।
कई बार मांगें रखीं, लेकिन समाधान नहीं मिला
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बैंक प्रबंधन को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महासचिव प्रवीण मेघानी के मुताबिक लंबे समय तक शांतिपूर्ण बातचीत और संवाद के बावजूद जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तब कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भर्ती और ट्रांसफर से जुड़ी मांगें
फेडरेशन ने बैंक प्रबंधन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग मेसेंजर्स और सशस्त्र गार्डों की स्थाई भर्ती की है। कर्मचारियों का कहना है कि कई शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी है जिससे काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए इंटर सर्कल ट्रांसफर (ICT) सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों को दूसरे सर्कल में ट्रांसफर का विकल्प मिलना चाहिए।
आउटसोर्सिंग और मिस-सेलिंग पर भी जताई नाराजगी
यूनियन ने बैंक में स्थाई प्रकृति के कार्यों को आउटसोर्स किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि स्थाई नौकरियों को निजी एजेंसियों के हवाले करना बंद किया जाए। इसके साथ ही ‘क्रॉस सेलिंग’ के नाम पर कर्मचारियों पर ग्राहकों को बीमा, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय उत्पाद बेचने का दबाव बनाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। यूनियन ने इस प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है।
ये भी पढ़ें: SBI Q4 FY26: मुनाफा ₹19,684 करोड़ पहुंचा, निवेशकों को ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
NPS और मेडिकल सुविधाओं में सुधार की मांग
हड़ताल की प्रमुख मांगों में NPS कर्मचारियों को अपना पेंशन फंड मैनेजर चुनने की स्वतंत्रता देना भी शामिल है। इसके अलावा मेडिकल रिइम्बर्समेंट स्कीम को और बेहतर बनाने, डॉक्टर कंसल्टेशन चार्ज की समीक्षा करने और रिटायर्ड कर्मचारियों को लंबित लाभ देने की मांग भी उठाई गई है।
ये भी पढ़ें: Zepto IPO: कंपनी को मिली SEBI की मंजूरी, साल के अंत तक आ सकता है $1 बिलियन का बड़ा इश्यू
लगातार 5 दिन बंद रह सकते हैं बैंक
जानकारी के मुताबिक इस हड़ताल का असर कई दिनों तक देखने को मिल सकता है। 23 मई को चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 25 और 26 मई को दो दिन की हड़ताल रहेगी। वहीं 27 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के चलते भी कई स्थानों पर बैंक बंद रह सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों को लगातार पांच दिन तक बैंकिंग सेवाओं में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना है।











