सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह, झिरिया से चूरना तक जागरूकता और स्वच्छता अभियान
सोहागपुर। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह 2026 के तहत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता और स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। क्षेत्र संचालक राखी नंदा के नेतृत्व और निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना और प्राकृतिक क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखना रहा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि सप्ताह के दौरान सोहागपुर सहित रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, रहवासियों और अन्य हितधारकों को वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।
झिरिया में ‘सतपुड़ा संवाद’ के जरिए संरक्षण का संदेश
ग्राम झिरिया में ‘सतपुड़ा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पिपरिया के सहायक संचालक और वन परिक्षेत्र अधिकारी ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान वन्यप्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों को यह भी बताया गया कि प्राकृतिक संसाधनों और वन क्षेत्रों की सुरक्षा में स्थानीय समुदाय की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर ‘Tales of Satpura’ शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से सतपुड़ा के जंगलों और यहां पाए जाने वाले वन्यप्राणियों के संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।
मटकुली में 402 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
मटकुली स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पथनाट्य, जागरूकता रैली और कैंपस साफ-सफाई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में करीब 15 विद्यालयों के 402 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को वन और वन्यप्राणियों के संरक्षण के साथ स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। पथनाट्य और जागरूकता रैली के जरिए संरक्षण का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया गया। विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
पचमढ़ी के महादेव क्षेत्र में स्वच्छता अभियान
‘Pals & Pearls of Pachmarhi’ कार्यक्रम के तहत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पचमढ़ी के सहायक संचालक संजीव शर्मा के नेतृत्व और निर्देशन में महादेव क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान प्राकृतिक क्षेत्र में साफ-सफाई की गई और लोगों को पर्यटन स्थलों तथा प्राकृतिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। आम लोगों से अपील की गई कि वे पर्यटन के दौरान कचरा खुले में न फेंकें और प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
चूरना में नदी तट पर श्रमदान
वन परिक्षेत्र चूरना की टीम ने गांधी जयंती के अवसर पर नदी के किनारे श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। टीम के सदस्यों ने नदी तट और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई की। इस दौरान वन्यजीवों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए गए। गतिविधि के जरिए प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया। वन विभाग की ओर से बताया गया कि स्वच्छ नदी तट और सुरक्षित जलस्रोत वन्यजीवों के लिए भी बेहद जरूरी हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर नियमित स्वच्छता गतिविधियों की अहम भूमिका है।
धांसई में जागरूकता चौपाल, कानून और मानव-वन्यजीव द्वंद्व पर चर्चा
ग्राम धांसई में वन परिक्षेत्र चूरना और तवा बफर की संयुक्त टीम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, रहवासियों और संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ जागरूकता चौपाल आयोजित की। चौपाल में वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण से जुड़े कानूनों, रोजगारोन्मुखी योजनाओं और मानव-वन्यजीव द्वंद्व प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।स्थानीय लोगों को बताया गया कि वन्यजीवों से जुड़ी परिस्थितियों में समय पर सूचना और विभाग के साथ समन्वय करना जरूरी है। साथ ही मानव-वन्यजीव द्वंद्व की स्थिति में सावधानी, सहयोग और त्वरित सूचना के महत्व पर भी चर्चा हुई।
जनसहभागिता से मजबूत होगा संरक्षण अभियान
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत आयोजित गतिविधियों का फोकस केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को वन और वन्यजीव संरक्षण से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों के बीच पथनाट्य और रैली, ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद और चौपाल, जबकि पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के जरिए संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया। वन विभाग का मानना है कि स्थानीय समुदाय, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और अन्य हितधारक संरक्षण प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल हों तो वन्यप्राणियों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
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लोगों से वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग की अपील
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा और उपसंचालक ऋषिभा नेताम ने आमजनों और जनप्रतिनिधियों से वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा में सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में भागीदारी करने का आग्रह किया। साथ ही वन्यप्राणियों या वन क्षेत्र से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को समय पर वन विभाग तक पहुंचाने की अपील की गई है। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए ये कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित रहे कि संरक्षण की जिम्मेदारी को केवल विभागीय गतिविधि न बनाकर स्थानीय समुदाय की भागीदारी से व्यापक जनअभियान का रूप दिया जाए।























