नागपंचमी से पहले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की अपील :नागद्वारी यात्रा को पर्यटन नहीं, धार्मिक यात्रा मानें
सोहागपुर। नागपंचमी के मौके पर होने वाली नागद्वारी यात्रा को लेकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) प्रशासन ने श्रद्धालुओं, ट्रैवल एजेंसियों और विभिन्न संगठनों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि नागद्वारी यात्रा एक धार्मिक परंपरा है, इसे ट्रेकिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, ईको टूरिज्म या व्यावसायिक पर्यटन के रूप में प्रचारित नहीं किया जाना चाहिए।
धार्मिक यात्रा को पर्यटन की तरह प्रचारित न करें
STR के प्रभारी एसडीओ एवं जनसंपर्क अधिकारी आशीष खोबरागड़े ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ निजी व्यक्ति, संस्थाएं और ट्रैवल ग्रुप नागद्वारी यात्रा को ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। प्रशासन ने इसे अनुचित बताते हुए ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील की है।
कोर टाइगर हैबिटेट में स्थित है नागद्वारी
प्रशासन के अनुसार, नागद्वारी क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) में आता है। यह बेहद संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र है, जहां वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देश और अन्य कानूनी नियम लागू हैं।
वन्यजीवों और पर्यावरण पर पड़ सकता है असर
STR प्रशासन का कहना है कि ट्रेकिंग और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं, नागरिकों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों, ट्रैवल एजेंसियों और एडवेंचर ग्रुप से अपील की गई है कि वे इस यात्रा को पर्यटन गतिविधि के रूप में बढ़ावा न दें।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था, ट्रैवल ऑपरेटर या संगठन नागद्वारी क्षेत्र में ट्रेकिंग, एडवेंचर टूरिज्म या किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि का प्रचार या आयोजन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, भारतीय वन अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से संरक्षण में सहयोग की अपील
STR प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की है कि वे नागद्वारी यात्रा की धार्मिक गरिमा बनाए रखें और वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें। प्रशासन ने कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है, इसलिए इस संवेदनशील प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना जरूरी है।
(Edited By - Shivani Gupta)














