
मध्य प्रदेश के सतना में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोटस इन्फ्रारिएल्टी की करीब 20 करोड़ रुपए की जमीन कुर्क कर ली। यह कार्रवाई 29.18 लाख रुपए की वसूली के लिए की गई है। बिल्डर पर आरोप है कि उसने खरीदार से पैसे लेने के बाद न दुकान दी और न ही रकम लौटाई।
विराट नगर निवासी हिमांशु गर्ग ने ‘कोवेन्ट कोर्ट’ नाम के निर्माणाधीन शॉपिंग मॉल में दुकान खरीदने के लिए 17.90 लाख रुपए में सौदा किया था। उन्होंने पहले 51 हजार रुपए देकर बुकिंग कराई और बाद में 10 लाख रुपए और जमा किए। लेकिन मॉल का निर्माण बंद हो गया, जिसके बाद उन्होंने बाकी पैसे नहीं दिए और अपनी जमा 10.51 लाख रुपए ब्याज सहित वापस मांगे।
आरोप है कि कंपनी के निदेशक नीरज चौरसिया ने न तो दुकान का कब्जा दिया और न ही पैसे लौटाए। इसके बाद पीड़ित ने कानूनी रास्ता अपनाया।
मामला RERA में गया, जहां से कलेक्टर को 29.18 लाख रुपए ब्याज सहित वापस दिलाने का आदेश दिया गया। जब इस आदेश का पालन नहीं हुआ तो मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर पहुंचा। हाईकोर्ट ने 9 फरवरी 2026 को कलेक्टर को 6 महीने में वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 9 अप्रैल को कुर्की का आदेश जारी हुआ। मंगलवार दोपहर राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और साईं लोटस सिटी स्थित बिल्डर का ऑफिस सील कर दिया। साथ ही कुर्की आदेश भी चस्पा किया गया।
टीम ने पन्ना रोड स्थित 5.423 हेक्टेयर जमीन (16 खसरा) को कुर्क किया। इन जमीनों के रिकॉर्ड में भी कुर्की दर्ज कर दी गई है। कार्रवाई के बाद कुर्क की गई संपत्तियां बाबूपुर ग्राम पंचायत के सचिव को सुपुर्द कर दी गईं।
इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों में सख्ती से काम कर रहा है, ताकि खरीदारों को उनका हक मिल सके।