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भोपाल:सरवर गांव की 20 एकड़ जमीन का मामला, किसान, माल्या कंपनी और हर्ष पैकेजिंग विवाद, 24 जून को अगली सुनवाई

भोपाल के सरवर गांव की 20 एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। तीन अलग-अलग पक्षों के दावे के बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हर्ष पैकेजिंग द्वारा दस्तावेज पेश न करने पर कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया है।
सरवर गांव की 20 एकड़ जमीन का मामला, किसान, माल्या कंपनी और हर्ष पैकेजिंग विवाद, 24 जून को अगली सुनवाई
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। सरवर गांव की इस जमीन को लेकर विवाद अभी सुलझने से दूर है। कोर्ट के दखल के बाद फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक सभी पक्षों की नजर अगली सुनवाई पर टिकी रहेगी।

    तीन पक्षों के बीच चल रहा विवाद 

    इस जमीन को लेकर तीन पक्षों के बीच विवाद जारी है, जिसमें किसान, कंपनी और खरीदार शामिल हैं। किसानों का कहना है कि वे वर्षों से जमीन पर खेती कर रहे हैं और उनका कब्जा वैध है। दूसरी ओर मैकडॉवेल स्पिरिट्स लिमिटेड (अब यूनाइटेड स्पिरिट्स) का भी इस जमीन से जुड़ा दावा सामने आया है। वहीं, हर्ष पैकेजिंग ने खुद को वैध खरीदार बताया है। तीनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज और तर्क पेश कर रहे हैं। इस वजह से मामला और ज्यादा जटिल हो गया है। कोर्ट में इसी को लेकर सुनवाई जारी है।

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    किसानों ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका 

    किसान सोमेश्वर प्रसाद चक्रधारी, मोहम्मद कासिम और सैमसन डिसूजा ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उनका कहना है कि मूल मालिक कैलाश बाजपेयी ने 1999 में उन्हें 16 एकड़ जमीन खेती के लिए दी थी। तब से वे लगातार इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। बाकी 4 एकड़ पर विटारी डिस्टिलरीज लिमिटेड द्वारा डिस्टिलरी स्थापित की गई थी। बाद में 2001 में इस कंपनी का विलय मैकडॉवेल स्पिरिट्स में हो गया। किसानों का आरोप है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में उन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही सुनवाई का मौका मिला। इसी कारण उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

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    हर्ष पैकेजिंग ने दस्तावेज नहीं किए पेश 

    सुनवाई के दौरान किसानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर, अनुराग गोहिल और भूपेश तिवारी ने दलीलें रखीं। कोर्ट ने पाया कि हर्ष पैकेजिंग को कई मौके दिए गए, लेकिन उसने मालिकाना हक के जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए। इस पर डिवीजन बेंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने फिलहाल जमीन की स्थिति यथावत रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 24 जून को तय की गई है। इससे साफ है कि अभी यह विवाद लंबा चल सकता है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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