फर्जी रसीद देकर खाताधारकों के 1.40 करोड़ हड़पे, ऑनलाइन गेमिंग में लगाए 4 करोड़! संभल में सहायक पोस्टमास्टर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के संभल में डाकघर के खाताधारकों से धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बहजोई डाकघर में तैनात सहायक पोस्टमास्टर दीपक कुमार पर सात खाताधारकों के खातों से करीब 1.40 करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पुलिस को उसके करीब 4 करोड़ रुपए ऑनलाइन गेमिंग और कथित सट्टेबाजी में लगाने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डाकघर में एफडी या सेविंग अकाउंट में रकम जमा कराने आने वाले ग्राहकों को पैसे जमा होने की फर्जी रसीद देता था। इसके बाद रकम संबंधित खाते में जमा करने के बजाय कथित तौर पर अपने इस्तेमाल में लेता था। बाद में इसी पैसे को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में लगाने की बात जांच में सामने आई है।
ऐसे खुला डाकघर में करोड़ों के गबन का मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब बहजोई थाना पुलिस के पास सात अलग-अलग खाताधारक पहुंचे। इन लोगों ने शिकायत की कि उनके डाकघर खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई है, जबकि उन्होंने खुद पैसे नहीं निकाले थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सीओ स्तुति सिंह के नेतृत्व में हुई जांच में सहायक पोस्टमास्टर दीपक कुमार की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआती जांच में सात खाताधारकों के खातों से करीब 1.40 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है। मामले में पुलिस ने सात अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
खाताधारकों को ऐसे बनाता था निशाना
पुलिस पूछताछ में आरोपी के कथित तरीके का भी खुलासा हुआ है। जांच के मुताबिक दीपक कुमार ऐसे खाताधारकों को निशाना बनाता था, जिनके मोबाइल नंबर उनके डाकघर खातों से लिंक नहीं थे। मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने का फायदा आरोपी को यह मिलता था कि खाते से पैसे निकलने या किसी तरह का लेनदेन होने पर खाताधारक को तुरंत मोबाइल पर अलर्ट नहीं मिलता था। इसी वजह से रकम निकलने की जानकारी काफी देर से सामने आती थी। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने खाताधारकों को निशाना बनाया।
फर्जी रसीद देकर रकम अपने पास रखने का आरोप
जांच के मुताबिक, जब कोई ग्राहक डाकघर में सेविंग अकाउंट या एफडी के लिए पैसे जमा करने आता था, तो आरोपी रकम लेने के बाद उसे रसीद देता था। ग्राहक को लगता था कि उसकी रकम खाते में जमा हो गई है। आरोप है कि असल में रकम खाते में जमा नहीं की जाती थी। इसके बजाय आरोपी कथित तौर पर उस पैसे को अपने कब्जे में रख लेता था। बाद में वह इस रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और कथित सट्टेबाजी में करता था। हालांकि, इस मामले में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अलग विषय है। फिलहाल आरोपी पर खाताधारकों की रकम के कथित गबन का आरोप है।
करीब 4 करोड़ रुपए ऑनलाइन गेमिंग में लगाने की बात
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके ऑनलाइन गेमिंग और कथित सट्टेबाजी से जुड़े लेनदेन की जानकारी सामने आई है। जांच में करीब 4 करोड़ रुपए लगाए जाने की बात कही गई है। यह रकम सिर्फ सात खाताधारकों से कथित तौर पर गबन की गई 1.40 करोड़ रुपए की रकम से ज्यादा है। ऐसे में पुलिस आरोपी के बैंक खातों, लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
2023 में चंदौसी डाकघर में था तैनात
पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार मूल रूप से सेमर टोला मोहल्ले का रहने वाला है। वह वर्ष 2023 में चंदौसी डाकघर में तैनात था। इसके बाद उसकी तैनाती बहजोई डाकघर में हुई। एसपी केके विश्नोई ने बताया कि आरोपी पर लोगों के सेविंग अकाउंट से करोड़ों रुपए की रकम के गबन का आरोप है। मामले में सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अब डाकघर के दूसरे कर्मचारियों की भी जांच
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब सिर्फ दीपक कुमार तक सीमित नहीं है। पुलिस डाकघर से जुड़े दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी ने अकेले इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया या फिर डाकघर के किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी को भी इसकी जानकारी थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कुल कितने खाताधारक इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए हैं और अब तक कुल कितनी रकम का नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ उसके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही गबन की कुल रकम और मामले में शामिल अन्य लोगों की तस्वीर साफ हो सकेगी।












