भोपाल में जुटे 14 देश, संस्कृति से AI तक… BRICS ने तय की सहयोग की नई दिशा

भोपाल। भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत शनिवार को भोपाल में 11वीं BRICS Culture Ministers’ Meeting आयोजित हुई। बैठक में BRICS के 10 सदस्य देशों और 4 साझेदार देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कुल 55 प्रतिनिधि इस संस्कृति ट्रैक से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए। बैठक का सबसे अहम नतीजा Bhopal Declaration रहा, जिसमें संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय तक सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई। भारत ने संस्कृति को केवल कला और विरासत तक सीमित न रखते हुए इसे रचनात्मक अर्थव्यवस्था, डिजिटल तकनीक और लोगों के बीच संबंध मजबूत करने का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
Bhopal Declaration से संस्कृति को मिलेगी नई दिशा
बैठक में अपनाया गया Bhopal Declaration BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके तहत रचनात्मक और सांस्कृतिक उद्योगों में काम करने वाले लोगों को आगे बढ़ाने, उनके अनुभव साझा करने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल माध्यमों के जरिए कलाकारों और रचनाकारों के लिए अवसर बढ़ाने की बात भी इसमें शामिल है।
कलाकारों के लिए बनेगा Voluntary Registry
भारत ने बैठक में कलाकारों के लिए एक खास पहल की घोषणा की। इसके तहत Voluntary Artist Registry तैयार करने की योजना है। इसका मकसद BRICS देशों के कलाकारों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना है। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने के साथ कलाकारों को नए मंच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं।
विरासत बचाने पर भी देशों की सहमति
बैठक में सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने को लेकर भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। UNESCO की बहुराष्ट्रीय नामांकन प्रक्रिया, सांस्कृतिक संपत्तियों की पहचान और उनकी वापसी जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई। पारंपरिक ज्ञान और पारंपरिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया। संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागार के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना भी सामने आई।
AI के दौर में रचनाकारों के अधिकारों पर जोर
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कलाकारों और रचनाकारों के अधिकारों को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में कॉपीराइट से जुड़ी सामग्री के AI में इस्तेमाल के दौरान पारदर्शिता और उचित भुगतान सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई। सांस्कृतिक संपत्तियों की पहचान और उनकी निगरानी में AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति बनी।
भोपाल में दिखी BRICS देशों की सांस्कृतिक तस्वीर
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान भोपाल में 6 और 7 अगस्त को दो दिवसीय BRICS Culture Festival भी आयोजित किया गया। इसमें बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस और संयुक्त अरब अमीरात के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। अलग-अलग देशों की कला और संस्कृति ने दर्शकों को एक मंच पर विविधता का अनुभव कराया।
'सर्वे भवन्तु सुखिनः' बना एकता का संदेश
संस्कृति महोत्सव की थीम भारतीय विचार 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' यानी 'सब सुखी रहें' पर आधारित रही। दूसरे दिन अलग-अलग BRICS देशों की भाषाओं में इस विचार को सामूहिक प्रस्तुति के जरिए सामने रखा गया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अलग-अलग भाषाओं और परंपराओं के बावजूद संस्कृति लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम कर सकती है।
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बैठकों के साथ भारतीय विरासत से भी रूबरू हुए प्रतिनिधि
BRICS देशों से आए प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने का अवसर भी मिला। 5 अगस्त को प्रतिनिधिमंडलों ने भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा किया। मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडलों को सांची ले जाया जा रहा है। 9 अगस्त को भीमबेटका का दौरा प्रस्तावित है, जहां वे प्राचीन शैलचित्रों और भारत के इतिहास को करीब से देखेंगे।
भारत ने जताया सहयोग जारी रखने का भरोसा
BRICS Culture Track के तहत भारत ने अप्रैल से अगस्त तक तीन Culture Working Group Meetings आयोजित कीं। पहली बैठक 29-30 अप्रैल को ऑनलाइन, दूसरी 4-5 जून को वाराणसी और तीसरी 5-6 अगस्त को भोपाल में हुई। भारत ने सभी सदस्य और साझेदार देशों के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि BRICS के भीतर सांस्कृतिक साझेदारी को आगे भी मजबूत किया जाएगा। बैठक ने संस्कृति को सहयोग, संवाद और आपसी जुड़ाव का मजबूत माध्यम बनाने का रास्ता तैयार किया।












