Naresh Bhagoria
14 Jan 2026
गैरतगंज/ भोपाल। रायसेन जिले की नगर परिषद गैरतगंज द्वारा मुख्यमंत्री कायाकल्प और मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के अंतर्गत कराए गए करोड़ों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता घेरे में आने के बाद मौके पर जांच करने बुधवार को नगरीय प्रशासन विभाग का संयुक्त संभागीय अमला गैरतगंज पहुंचा। इसमें शामिल विशेषज्ञों ने दो स्थानों पर जांच की और मशीन से सड़क का हिस्सा उखाड़कर परीक्षण के लिए लैब रवाना किया। दरअसल करोड़ों के निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने, निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने और भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत गैरतगंज भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष संजय जैन ने की थी। साथ ही इसी गड़बड़ी को लेकर सीएम हेल्पलाइन में प्रकरण दर्ज कराया गया था। इसके बाद ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और जांच करने मशीनों के साथ गैरतगंज पहुंचा था।
तीन जगह से सड़क निर्माण के सैंपल लेकर लैब भेजे गए
जांच दल में नगरीय प्रशासन विभाग से आईएफएस अधिकारी अतुल श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री ब्रजेन्द्र कुमार वर्मा सहित तकनीकी विशेषज्ञों की टीम शामिल थी। इस टीम ने भोपाल-सागर मुख्य मार्ग से चौक बाजार तक निर्मित 50 लाख रुपए से अधिक की लागत वाली कंक्रीट सड़क का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सड़क की मोटाई की जांच की गई। राम जानकी मंदिर के पास से दो और बाजार चौक से एक सैंपल लिया गया। मौके पर दो स्थानों पर सड़क के सैम्पलों की मोटाई 6 इंच पाई गई, जिसकी विस्तृत जांच अब लैब में होगी।
नागरिक खुलकर सामने आए, जनप्रतिनिधि नदारद
जांच टीम के सामने नागरिकों ने खुलकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नगर का कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि जांच स्थल पर नजर नहीं आया। जनप्रतिनिधियों की इस दूरी को लेकर आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं सरगर्म हैं।
जांच के आधार पर दोषियों पर होगी कार्रवाई
नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय जैन की शिकायत के आधार पर हम मुख्यमंत्री कायाकल्प और अधोसंरचना के कार्यों की जांच करने आए हैं। हमने सड़क और अन्य निमार्णों के सैंपल एकत्रित किए हैं, जिन्हें लेबोरेटरी भेजा जा रहा है। गुणवत्ता रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
ब्रजेंद्र कुमार वर्मा, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग