नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिन की गुजरात यात्रा संपन्न करने के बाद शुक्रवार को जैसलमेर पहुंचे। यहां वे डेडांसर मेला ग्राउंड में आयोजित परम पूज्य दादा श्री जिनदत्त सूरिजी महाराज के चमत्कारी चादर महोत्सव में शामिल हुए। भारतीय संस्कृति समागम और समरसता के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन के दौरान संघ प्रमुख ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्धों पर चिंता जताते हुए मानव एकता की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा-'जो युद्ध चल रहे हैं वह थम क्यों नहीं रहे होते हैं? यह झगड़े क्यों होते हैं? हम अपने एकत्व को पहचानते नहीं हैं, इसलिए झगड़े होते हैं। एक नहीं हैं तो अलग हैं,अलग हैं तो अलग-अलग स्वार्थ है,फिर हम अपना स्वार्थ साधन करने में लग जाते हैं।'
अपने संबोधन में संघ प्रमुख ने कहा-'महराजजी ने कहा कि चारों ओर की स्थिति विकट है। मन की करुणा लोग भूल गए, क्योंकि सत्य को भूल गए। हम दिखते अलग-अलग हैं, लेकिन हम सब एक हैं। इसलिए कलह थामते नहीं हैं, युद्ध चलते रहते हैं। पहला महायुद्ध हुआ, फिर से ना हो तो लीग ऑफ नेशन की स्थापना हुई, लेकिन वह नहीं चली। फिर दूसरा महायुद्ध हुआ, फिर से ना हो तो यूनाइटेड नेशन आर्गेनाइजेशन की स्थापना हुई, लेकिन हम देख रहे हैं कि क्या हालात हैं।'
जैसलमेर में शुक्रवार से तीन दिवसीय दादागुरु चादर महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ है। इस धार्मिक आयोजन का उद्घाटन मोहन भागवत ने किया। कार्यक्रम के दौरान दादागुरु और चादर महोत्सव से जुड़े विशेष सिक्कों और डाक टिकटों का विमोचन भी प्रस्तावित है। इस आयोजन को भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।