
इंदौर में वंदे मातरम विवाद से मचे सियासी तूफान को शांत करने के लिए कांग्रेस ने अब डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। देवास में हुई गोपनीय बैठक में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, विवादों में रहीं दोनों मुस्लिम महिला पार्षदों समेत 6 मुस्लिम पार्षदों को तलब किया गया। बैठक में साफ संकेत दिए गए कि फिलहाल किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और पूरे मामले को ठंडा किया जाएगा। इस फैसले के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को थामने की कोशिश तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में वंदे मातरम विवाद, मुस्लिम पार्षदों की गैरहाजिरी, नेताओं की आक्रामक बयानबाजी और संगठनात्मक नाराजगी पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, उषा नायडू और राष्ट्रीय सचिव संजय दत्त ने नेताओं और पार्षदों को सख्त संदेश दिया कि सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर कोई बयानबाजी न की जाए। सभी को पार्टी फोरम के भीतर ही बात रखने के निर्देश दिए गए।
विवाद तब भड़का था जब नगर निगम बजट सम्मेलन में दो मुस्लिम पार्षदों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था, जिसके बाद निष्कासन और पाकिस्तान भेजने जैसे बयानों ने कांग्रेस के भीतर ही टकराव पैदा कर दिया। मामला दिल्ली तक पहुंचा और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने रिपोर्ट तलब कर दी। अब अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पूरे मामले में किसी पर कार्रवाई नहीं होगी और समन्वय बनाकर विवाद खत्म किया जाएगा।