
पल्लवी वाघेला, भोपाल। जेब में मात्र हजार रुपए और परिवार से दूर अपना नया घर बसाने का सपना। जहां बढ़ती महंगाई में हजार रुपए में चार दिन चैन से गुज़र बसर असंभव है, वहां 16 और 17 साल के किशोर प्रेमी युगल इसी सपने के साथ घर से निकले थे। हालांकि, जब भोपाल में रेस्क्यू होने के बाद काउंसलिंग हुई तो समझ आया कि दोनों संपन्न परिवारों में बिना अभावों के पले-बढ़े हैं और यही वजह है कि दुनियादारी और आटे-दाल के भाव से उनका दूर तक नाता नहीं था। काउंसलिंग के दौरान रेस्क्यू टीम भी इनकी नादानी पर हैरान रह गई। मामले में परिवारों को बुलाकर बच्चों को सौंपा गया है।
जानकारी के मुताबिक 16 वर्षीय लड़की और 17 वर्षीय लड़का दोनों बचपन के दोस्त हैं। एक साथ पढ़ते हुए दोस्ती प्यार में बदल गई। लड़की का भाई उससे बड़ा है। जब उसे इस बात की जानकारी लगी तो उसने दोनों को दूर रहने की चेतावनी दी। दो-तीन बार मिली वॉर्निंग के बाद दोनों को डर लगने लगा। स्कूल के बाहर मिलना भी बंद हो गया। ऐसे में किशोरी अपने परिवार से खासी नाराज थी। उसने लड़के को कहा कि अपने परिवार में बात करो कि हमारी शादी करा दे। लड़के ने कहा कि उसका परिवार भी नहीं मानेगा। तब दोनों ने परिवार वालों को सबक सिखाने के लिए योजना बनाई। दोनों ने सोचा कि घर से चले जाते हैं, परिवार वालों को सबक भी मिल जाएगा और वो दोनों एक साथ जहां चाहे रह पाएंगे। यह सोचकर दोनों अपने-अपने घर से पांच-पांच सौ रुपए लेकर आए। यह हजार रुपए लेकर दोनों ने अपना अलग संसार बसाने के सपने बुनने शुरू कर दिए।
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दोनों मप्र से सटे यूपी के एक जिले के रहने वाले हैं। काउंसलिंग में दोनों ने बताया कि ऐसी कोई प्लानिंग नहीं थी कि अब कहां जाना है। बस उन्हें सबसे पहले जो ट्रेन मिली वो उसमें चढ़ गए। भोपाल तक कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन भोपाल में दोनों टीनएजर्स जीआरपी की निगाह में आ गए और उन्हें रेस्क्यू किया गया।
दोनों ने बताया कि पैरेंट्स उन्हें ई-वॉलेट के रूप में मनी देते हैं। कैश नहीं दिया जाता। यह 500 रुपए भी दोनों मुश्किल से जुगाड़ लाए थे। यदि मोबाइल लाते तो पकड़े जाने का डर था, इसलिए ई-वॉलेट का मोह छोड़ दिया। मामले में अभिभावक भी बच्चों के कदम से हैरान थे। लड़के के पिता ने कहा कि दोनों बच्चों को अभी दुनियादारी की ठीक से समझ तक नहीं है। ऐसे में वह सोच भी नहीं सकते थे कि वह इतनी हिम्मत करेंगे और इस तरह घर से निकल जाएंगे।
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