Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

500 रुपये की किस्त,1500 का बिल खत्म- सफाई कर्मियों को बड़ी राहत

इंदौर नगर निगम द्वारा शहर के करीब 9 हजार सफाई कर्मियों के घरों पर सोलर सिस्टम लगाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की सब्सिडी और आसान लोन सुविधा के जरिए कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। करीब 1.48 लाख रुपए की लागत वाले इस सिस्टम में आधी से ज्यादा राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी, जबकि शेष राशि मामूली किश्तों में चुकानी होगी। इस पहल से हर महीने आने वाला 1500 से 2000 रुपए तक का बिजली बि
 सफाई कर्मियों को बड़ी राहत

इंदौर शहर में सफाई कर्मियों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की जा रही है। नगर निगम द्वारा करीब 9 हजार सफाई कर्मियों के घरों पर सोलर सिस्टम लगाने की योजना तैयार की गई है। इस योजना का मकसद सिर्फ पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि कर्मचारियों को हर महीने के बढ़ते बिजली बिल से राहत देना भी है।

इस योजना के तहत प्रत्येक घर में लगभग 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी कुल लागत करीब 1.48 लाख रुपए आएगी, जिसमें से केंद्र सरकार करीब 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी देगी। शेष लगभग 70 हजार रुपए कर्मचारियों को आसान लोन के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसे वे लगभग 500 रुपए की मासिक किश्त में चुका सकेंगे।

  बिजली खर्च में कमी: सोलर सिस्टम से घरों का बिजली बिल लगभग खत्म हो जाएगा, जिससे परिवार की बचत बढ़ेगी।

  • पर्यावरण को लाभ: सोलर ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम होगा और शहर “ग्रीन सिटी” की दिशा में आगे बढ़ेगा।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: लोग बिजली कटौती और बढ़ते बिलों से काफी हद तक मुक्त हो सकेंगे।
  • रोजगार के अवसर: सोलर सिस्टम लगाने और मेंटेनेंस में स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।

सस्टेनेबल शहर की ओर कदम

यह योजना “सस्टेनेबल लिविंग सिटी” पहल के तहत लागू की जा रही है, जिसका लक्ष्य इंदौर को नेट-जीरो शहर बनाना है। पहले चरण में महिलाओं को सोलर इंडक्शन स्टोव दिए गए थे और अब सोलर रूफटॉप सिस्टम के जरिए ऊर्जा बचत को और मजबूत किया जा रहा है।

क्यों है यह योजना खास?

जानकारी के अनुसार, अभी सफाई कर्मियों के घरों का मासिक बिजली बिल करीब 1500 से 2000 रुपए तक आता है। सोलर सिस्टम लगने के बाद यह खर्च लगभग समाप्त हो जाएगा। यानी हर महीने सीधी बचत, जो सालभर में बड़ी रकम में बदल जाएगी। gशहर में सफाई कर्मियों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की जा रही है। नगर निगम द्वारा करीब 9 हजार सफाई कर्मियों के घरों पर सोलर सिस्टम लगाने की योजना तैयार की गई है। इस योजना का मकसद सिर्फ पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि कर्मचारियों को हर महीने के बढ़ते बिजली बिल से राहत देना भी है।

 

इस योजना के तहत प्रत्येक घर में लगभग 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी कुल लागत करीब 1.48 लाख रुपए आएगी, जिसमें से केंद्र सरकार करीब 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी देगी। शेष लगभग 70 हजार रुपए कर्मचारियों को आसान लोन के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसे वे लगभग 500 रुपए की मासिक किश्त में चुका सकेंगे।

 

  बिजली खर्च में कमी: सोलर सिस्टम से घरों का बिजली बिल लगभग खत्म हो जाएगा, जिससे परिवार की बचत बढ़ेगी।

पर्यावरण को लाभ: सोलर ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम होगा और शहर “ग्रीन सिटी” की दिशा में आगे बढ़ेगा।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता: लोग बिजली कटौती और बढ़ते बिलों से काफी हद तक मुक्त हो सकेंगे।

रोजगार के अवसर: सोलर सिस्टम लगाने और मेंटेनेंस में स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।

सस्टेनेबल शहर की ओर कदम

यह योजना “सस्टेनेबल लिविंग सिटी” पहल के तहत लागू की जा रही है, जिसका लक्ष्य इंदौर को नेट-जीरो शहर बनाना है। पहले चरण में महिलाओं को सोलर इंडक्शन स्टोव दिए गए थे और अब सोलर रूफटॉप सिस्टम के जरिए ऊर्जा बचत को और मजबूत किया जा रहा है।

 

क्यों है यह योजना खास?

जानकारी के अनुसार, अभी सफाई कर्मियों के घरों का मासिक बिजली बिल करीब 1500 से 2000 रुपए तक आता है। सोलर सिस्टम लगने के बाद यह खर्च लगभग समाप्त हो जाएगा। यानी हर महीने सीधी बचत, जो सालभर में बड़ी रकम में बदल जाएगी। gनगर निगम की कोशिश है कि इंदौर देश का पहला ऐसा शहर बने, जहां हर सफाई कर्मी का घर सोलर ऊर्जा से रोशन हो। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो भविष्य में इसे आम नागरिकों के लिए भी बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।

 

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts