
जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय सुरेंद्र साहू अपने साले के शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उनके साथ उनका छोटा बेटा भी मौजूद था। इसी दौरान नशे में धुत बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इस पूरी वारदात का गवाह बना मासूम बच्चा सदमे में है।
लापरवाही के आरोप लगाए
घटना के बाद इलाके के लोगों ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी सुशील पटेल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नशेड़ियों का आतंक बना हुआ है। जाम बगीची सहित कई स्थानों पर खुलेआम चरस, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन होता है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
गश्त या जनता से संवाद नहीं करते
लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी सुशील पटेल अक्सर अपने केबिन तक सीमित रहते हैं और क्षेत्र में गश्त या जनता से संवाद नहीं करते, जिसके चलते बदमाशों में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। इसी लापरवाही का नतीजा यह हत्या मानी जा रही है।
तलब कर कड़ी फटकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने थाना प्रभारी सुशील पटेल को तलब कर कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते इलाके में सक्रिय पुलिसिंग होती, तो एक परिवार उजड़ने से बच सकता था। अब सवाल यह है कि क्या इस फटकार के बाद इलाके में नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी या हालात फिर वैसे ही बने रहेंगे।