इंदौर में डॉक्टरों ने किया चमत्कारगले में फंसा सरिया, मौत से जंग…लेकिन ऑपरेशन के बाद बचाया गया

गले में फंसा सरिया, मौत से जंग…लेकिन ऑपरेशन के बाद बचाया गया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर-  खरगोन जिले के आनंद नगर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां निर्माण कार्य के लिए बाइक से सरिया ले जा रहे 30 वर्षीय युवक सद्दाम के गले में लोहे का सरिया घुस गया। घटना 1 अप्रैल की सुबह करीब 10:30 बजे की है, जब वह रास्ते में बस को साइड देने के दौरान स्पीड ब्रेकर पर असंतुलित हो गया और बाइक उछलते ही सरिया सीधे उसके गले में जा धंसा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तत्काल घायल को जिला अस्पताल खरगोन पहुंचाया गया।

    युवक की हालत नाजुक देखते हुए उसे तुरंत इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने बिना देर किए इमरजेंसी सर्जरी कर जानलेवा सरिया बाहर निकाला। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें एनेस्थीसिया टीम का भी अहम योगदान रहा। डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता के चलते युवक की जान बचाई जा सकी।

    जब 1 अप्रैल की सुबह करीब 10:30 बजे उसके गले में लोहे का सरिया धंस गया। हालत बेहद नाजुक होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल खरगोन से इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी सर्जरी शुरू कर दी।

    सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेंद्र पांडेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुब्रजीत नायक सहित अन्य डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए युवक के गले से लोहे का सरिया बाहर निकाला। इस दौरान एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी जैन और उनकी टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों की तत्परता और सटीक इलाज के चलते युवक की जान बचाई जा सकी, जिसे अब किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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