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भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव!वैदिक मंत्रों के बीच की पूजा-अर्चना, गूंजे ‘जय मां सरस्वती’ के जयकारे

धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे, हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह पहला बड़ा दौरा माना जा रहा है। पूजा-अर्चना और यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह दिखाई दिया। वहीं, मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने और सरस्वती लोक निर्माण की मांग भी फिर चर्चा में आ गई है।
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वैदिक मंत्रों के बीच की पूजा-अर्चना, गूंजे ‘जय मां सरस्वती’ के जयकारे
फाइल फोटो

मध्यप्रदेश। धार की प्रसिद्ध भोजशाला सोमवार को एक खास पल की गवाह बनी, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां पहुंचे और मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह पहला भोजशाला दौरा रहा, जिसे लेकर सुबह से ही शहर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला लगातार चर्चा में बनी हुई है और ऐसे समय में मुख्यमंत्री का यहां पहुंचना राजनीतिक और धार्मिक दोनों नजरियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं ने भी इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए मंदिर परिसर में जयघोष किए और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे।

मुख्यमंत्री के स्वागत में दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के धार पहुंचते ही शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवी नजर आया। अलग अलग जगहों पर स्वागत मंच बनाए गए थे और लोगों ने फूल मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहे। भोजशाला परिसर को भी विशेष रूप से सजाया गया था, जहां पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद पूरे परिसर में जय मां सरस्वती के जयकारे सुनाई दिए। श्रद्धालुओं और लोगों का कहना था कि लंबे समय बाद भोजशाला में ऐसा माहौल देखने को मिला है।

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पूजा और यज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोजशाला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी की प्रतिमा के सामने पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे हवन कुंड तक पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुति दी गई। पूरे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। पूजा के दौरान पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान करवाए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा के साथ पूजा में हिस्सा लिया और कुछ समय तक परिसर में मौजूद रहकर लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

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हाई कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा दौरे का महत्व

इंदौर खंडपीठ द्वारा दिए गए फैसले के बाद भोजशाला को लेकर चर्चा और ज्यादा बढ़ गई है। फैसले के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने हिंदू पक्ष को पूरे साल पूजा-अर्चना की अनुमति दी है। इसी वजह से मुख्यमंत्री का यह दौरा और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दौरा राज्य सरकार की सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों पर सक्रियता को भी दिखाता है।

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फिर तेज हुई प्रतिमा वापसी की मांग

मुख्यमंत्री के दौरे के बाद मां वाग्देवी की प्राचीन प्रतिमा को भारत वापस लाने की मांग भी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। यह प्रतिमा फिलहाल लंदन में संरक्षित बताई जाती है। संगठनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सरकार को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आगे बढ़ सकती है।

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सरस्वती लोक को लेकर बढ़ीं उम्मीदें

भोजशाला दौरे के दौरान सरस्वती लोक निर्माण को लेकर भी चर्चाएं तेज रहीं। लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर बनाया जाता है तो यह देशभर के श्रद्धालुओं के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि सरकार भोजशाला के विकास को लेकर नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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