राहुल गांधी भस्मासुर :BJP का बड़ा हमला, बोली- सालभर में दो फाड़ होगी कांग्रेस

नई दिल्ली। भाजपा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भस्मासुर कहा है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि टूल किट मॉडल राहुल गांधी की उपज है। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार स्थिर है साथ ही मजबूत भी है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि 100 राहुल गांधी भी आ जाएं तो हिला नहीं पाएंगे।
देश वैश्विक चुनौती में भी मजबूती से खड़ा- भाटिया
गौरव भाटिया ने आगे कहा... कल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक मीटिंग में जो बयान दिया वो बेहद चिंताजनक है साथ ही वे एक वक्तव्य देते हैं उसमें जो उन्होंने कहा वे बेहद दुख की बात है। उन्होंने ईरान- अमेरिका में जारी वैश्विक संकट के का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी हालत में जहां कई देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ गई है।
वहीं दूसरी ओर पिछले 85 दिनों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक चुनौती का मजबूती से सामना किया है, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है।
टूलकिट मॉडल राहुल गांधी की देन- भाटिया
गौरव भाटिया आगे कहते हैं एक टूलकिट मॉडल जो विध्वंस, अराजक, अपरिपक्व, मूर्ख है वो राहुल गांधी का बनाया हुआ है। जहां कल एक बार फिर ऐसी ही टूलकिट सामने आई जब राहुल गांधी ने दावा किया था यह सरकार एक साल में गिर जाएगी। उन्होंने एक टूक तंज मारते हुए कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष का मकसद अराजकता फैलाना है तो हमारा भी संकल्प है वो है भारत को मजबूत बनाना। पीएम की अगुवाई में देश लगातार आगे जाएगा।
विपक्ष सरकार को कमजोर दिखाने में जुटी
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर लगातार नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि विपक्ष सरकार को अस्थिर दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन जनता विकास और स्थिरता चाहती है। ऐसे में इस बयान से दोनों खेमों में वार- पलटवार का दौर जारी है। वहीं इससे पहले भी राहुल ने केंद्र को कई मुद्दे पर घेरा था।
एक साल के अंदर कांग्रेस दो हिस्सों में बंटेगी
गौरव भाटिया ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले एक साल के भीतर कांग्रेस पार्टी दो हिस्सों में बंट सकती है। भाटिया के मुताबिक, कांग्रेस के अंदर ही गांधी परिवार के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर आंतरिक विद्रोह देखने को मिलेगा और इसका असर सीधे संगठन पर पड़ेगा।











