रीवा के TRS कॉलेज में बवाल, प्रिंसिपल के कक्ष पर लगाई भाजपा सदस्य की नेमप्लेट

रीवा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के कार्यालय के बाहर लगी नेमप्लेट हटाकर उस पर 'सदस्य, भारतीय जनता पार्टी' लिखी प्रतीकात्मक नेमप्लेट लगा दी। एनएसयूआई ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि प्राचार्य ने आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है।
TRS कॉलेज में छात्रों के प्रदर्शन से मचा हंगामा
रीवा के टीआरएस महाविद्यालय में शुक्रवार को उस वक्त राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया, जब छात्रों को टेस्ट के बहाने बुलाकर भाजपा के कार्यक्रम में ले जाने का आरोप लगा। इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं और कॉलेज के छात्रों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
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प्राचार्य के कार्यालय के बाहर लगाई भाजपा के नाम की नेमप्लेट
प्रदर्शन के दौरान नाराज छात्रों ने प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के कार्यालय के बाहर लगी नेमप्लेट हटाकर वहां ‘सदस्य, भारतीय जनता पार्टी’ लिखी प्रतीकात्मक नेमप्लेट चिपका दी। इसके जरिए छात्रों ने कॉलेज को सांकेतिक रूप से भाजपा कार्यालय घोषित कर विरोध जताया। इस दौरान छात्र नेताओं और प्राचार्य के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
टेस्ट के बहाने बुलाकर एमसीसी ग्राउंड ले जाने का आरोप
छात्र नेता नित्कर्ष मिश्रा ने फोन में वीडियो साक्ष्य होने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को टेस्ट का बहाना देकर कैंपस बुलाया था। इसके बाद उन्हें जबरन या बहला-फुसलाकर एमसीसी ग्राउंड में आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में भेज दिया गया। मिश्रा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों का भविष्य बनाने के लिए होते हैं, न कि किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए।
एनएसयूआई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
एनएसयूआई ने पूरे मामले की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों को टेस्ट के बहाने बुलाकर राजनीतिक कार्यक्रम में भेजने की अनुमति किसने दी थी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थान के राजनीतिकरण के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधार और राजनीति से प्रेरित
टीआरएस महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज परिसर में किसी भी राजनीतिक दल का प्रचार या गतिविधि संचालित नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र कॉलेज समय के बाद या अपनी इच्छा से किसी सम्मेलन में शामिल हुआ है, तो यह उसका निजी फैसला है। प्राचार्य ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया।




















