जिम में वजन उठाना नहीं:असली फिटनेस का टेस्ट है दौड़ना, जानिए उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए रन टाइम

असली फिटनेस सिर्फ दिखावे की नहीं बल्कि अंदरूनी ताकत की होती है। अगर आप अपनी रनिंग क्षमता पर ध्यान देते हैं, तो न सिर्फ स्टैमिना बढ़ेगा बल्कि दिल और फेफड़े भी लंबे समय तक स्वस्थ रहेंगे।
मसल्स के साथ दिल और फेफड़ों की फिटनेस जरूरी
बता दें कि फिट दिखना और फिट होना दो अलग बातें हैं। कई लोग जिम में घंटों मेहनत करते हैं, लेकिन उनका फोकस सिर्फ मसल्स बनाने तक सीमित रहता है। वहीं, दिल और फेफड़ों की सेहत को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो लंबे समय में खतरा बन सकता है। जब शरीर पर अचानक दबाव पड़ता है, जैसे दौड़ना या तेज एक्टिविटी करना, तब असली फिटनेस सामने आती है। अगर थोड़ी देर दौड़ने में ही सांस फूलने लगे या थकान हावी हो जाए, तो यह संकेत है कि आपकी कार्डियो फिटनेस कमजोर हो रही है।
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उम्र के हिसाब से तय है दौड़ने की क्षमता
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर उम्र के लोगों के लिए एक औसत रनिंग टाइम तय होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और सीडीसीपी के मुताबिक 20 से 30 साल के लोगों को कम से कम 25-30 मिनट लगातार दौड़ने में सक्षम होना चाहिए। 30-40 साल की उम्र में 20-25 मिनट और 40-50 साल में 15-20 मिनट दौड़ना सामान्य माना जाता है। वहीं 50 साल से ऊपर के लोगों के लिए 10-15 मिनट वॉक पर्याप्त होती है। अगर आप इन मानकों से पहले ही थक जाते हैं, तो यह गिरती फिटनेस का संकेत हो सकता है।
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खराब लाइफस्टाइल है सबसे बड़ी वजह
रनिंग क्षमता में गिरावट का सबसे बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और अनहेल्दी डाइट शरीर की क्षमता को धीरे-धीरे कम कर देते हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ मसल्स, फेफड़ों की क्षमता और दिल की पंपिंग भी कमजोर होने लगती है। स्मोकिंग, नींद की कमी और ज्यादा तनाव भी इस समस्या को और बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और जल्दी थकान होने लगती है।
धीरे-धीरे करें दौड़ने की प्रैक्टिस
अगर आप तय समय तक दौड़ नहीं पा रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप धीरे-धीरे अपनी फिटनेस में सुधार कर सकते हैं। शुरुआत तेज चलने यानी ब्रिस्क वॉकिंग से करें और फिर धीरे-धीरे वॉक और रन को मिलाकर अभ्यास बढ़ाएं। इसके साथ ही अपनी डाइट में प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स शामिल करें और पर्याप्त पानी पीना न भूलें। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या ट्रेनर से सलाह जरूर लें, ताकि सही तरीके से सुधार किया जा सके।












