RBI ने खारिज की गोल्ड बेचने की खबर:ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट पर दिया जवाब, कहा- खजाने में सुरक्षित है 880 टन से ज्यादा सोना

भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के गोल्ड रिजर्व को लेकर सामने आई खबरों पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने रुपए को सहारा देने के लिए अपना सोना नहीं बेचा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि उसके पास मौजूद गोल्ड रिजर्व पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी भी तरह से कम नहीं किया गया है। दरअसल एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि RBI ने रुपये पर दबाव कम करने के लिए करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। इस रिपोर्ट के बाद RBI ने प्रेस नोट जारी कर इन दावों को खारिज कर दिया।
RBI के पास 880.52 टन गोल्ड रिजर्व
RBI के अनुसार 3 जून 2026 तक उसके पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना सुरक्षित है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना हुआ है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार भी केंद्रीय बैंक के खजाने में 880.52 टन गोल्ड मौजूद था जबकि मई 2025 में यह 879.58 टन था। केंद्रीय बैंक ने कहा कि गोल्ड रिजर्व में किसी तरह की बिक्री नहीं की गई है और मीडिया रिपोर्ट में किया गया दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ा सोने का हिस्सा
RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड रिजर्व की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। मई 2026 तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़कर 16.85% हो गया जबकि सितंबर 2025 में यह 13.92% था। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल बाजार में सोने की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के कारण गोल्ड रिजर्व का मूल्य तेजी से बढ़ा है जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में इसकी हिस्सेदारी भी बढ़ी है।
698 अरब डॉलर से ज्यादा का कुल रिजर्व
RBI के मई 2026 के मासिक बुलेटिन के अनुसार देश का कुल रिजर्व 698.48 अरब डॉलर (करीब 65.82 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गया है। इसमें विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 554.62 अरब डॉलर, गोल्ड रिजर्व 120.23 अरब डॉलर और अन्य रिजर्व संपत्तियां भी शामिल हैं। मार्च 2025 में RBI का कुल रिजर्व 57.97 लाख करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 65.82 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
सोना नहीं बढ़ा लेकिन मूल्य में आया बड़ा उछाल
दिलचस्प बात यह है कि RBI के पास मौजूद सोने की मात्रा लगभग स्थिर बनी हुई है लेकिन उसकी कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है। मई 2025 में RBI के गोल्ड रिजर्व का मूल्य करीब 81.82 अरब डॉलर था जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 120.23 अरब डॉलर पहुंच गया। यानी सोने की कीमतों में तेजी का सीधा फायदा केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व वैल्यू को मिला है।
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क्यों फैली गोल्ड बिक्री की चर्चा?
हाल के दिनों में रुपये पर दबाव और विदेशी मुद्रा बाजार में RBI के हस्तक्षेप को देखते हुए कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने सोना बेचकर डॉलर जुटाए हैं। हालांकि RBI ने साफ कर दिया है कि गोल्ड रिजर्व में कोई कमी नहीं आई है और सोना बेचने की खबर पूरी तरह भ्रामक है।












