PU Special :दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने की नई रणनीति, माही नदी क्षेत्र में रातभर निगरानी; पुलिस की गश्त

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वाहनों पर हो रही पत्थरबाजी रोकने के लिए अब सिर्फ पुलिस गश्त ही नहीं, बल्कि सुनसान हिस्सों को गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है। रतलाम-झाबुआ सीमा के माही नदी क्षेत्र को सबसे संवेदनशील मानते हुए रात में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने की नई रणनीति, माही नदी क्षेत्र में रातभर निगरानी; पुलिस की गश्त
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने की नई रणनीति

अशोक गौतम, भोपाल। एनएचएआई की अपनी सुरक्षा टीम भी संवेदनशील हिस्सों में निगरानी कर रही है। माही नदी के आसपास होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य जनसुविधा केंद्र विकसित करने के लिए जगह उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि दिन-रात लोगों की आवाजाही बढ़े। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस ने चौकी पर 24 घंटे व्यवस्था के साथ ओवरब्रिज और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ाए हैं।

माही नदी के आसपास 10 से 15 किलोमीटर क्षेत्र संवेदनशील

माही नदी के आसपास का करीब 10 से 15 किलोमीटर का क्षेत्र विशेष निगरानी में है। पहाड़ी और अपेक्षाकृत सुनसान होने के कारण यह बेल्ट पत्थरबाजी के लिए संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस ने यहां चिह्नित स्थानों पर तैनाती के साथ पेट्रोलिंग बढ़ाई है और चौकी पर 24 घंटे पुलिस की व्यवस्था की गई है। ओवरब्रिज भी पत्थरबाजी के संभावित स्थान रहे हैं, इसलिए इन जगहों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं।

ये भी पढ़ें: सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में अंतरिम आवेदनों पर बहस पूरी, 14 अक्टूबर को आएगा फैसला

होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए जगह होगी उपलब्ध

पत्थरबाजी रोकने के लिए माही नदी के आसपास सुनसान हिस्सों को गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है। यहां होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य जनसुविधा केंद्र विकसित करने के लिए लोगों को जगह उपलब्ध कराई जा रही है। इससे इस हिस्से में दिन-रात लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और असामाजिक तत्वों के लिए सुनसान क्षेत्र का फायदा उठाना मुश्किल होगा।

रोज हजारों वाहनों की आवाजाही वाला अहम कॉरिडोर

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच आने-जाने वाले वाहनों के लिए अहम कॉरिडोर है। इससे जुड़ने वाले बदनावर-पेटलावद-थांदला-तिमरवानी मार्ग के 2025 के ट्रैफिक आकलन में 15,128 पीसीयू प्रतिदिन का यातायात अनुमानित किया गया था। इसमें 6,451 वाहनों का औसत वार्षिक दैनिक यातायात आंका गया था, हालांकि यह आंकड़ा सीधे माही नदी वाले एक्सप्रेस-वे सेक्शन का नहीं, बल्कि उससे जुड़े कॉरिडोर का है।

Breaking News

19 सितंबर को आधा दर्जन वाहनों पर हुआ था पथराव

रतलाम-झाबुआ सीमा पर 19 सितंबर को करीब आधा दर्जन वाहनों पर पथराव हुआ था। इसके बाद भी एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं और गुजरात, अन्य राज्यों से आने-जाने वाले यात्री वाहन भी इसकी चपेट में आए। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक कई घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस और एनएचएआई की ओर से संवेदनशील हिस्सों में निगरानी बढ़ाई गई है।

रात में पेट्रोलिंग के साथ ग्रामीणों से बातचीत

रतलाम एसपी अमित कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर नाइट पेट्रोलिंग की जा रही है और चौकी स्थापित की गई है। इसके अलावा ग्रामीणों से बातचीत कर जागरुकता बढ़ाई जा रही है। पुलिस की ओर से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि वाहनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

जनसुविधाओं से रोजगार और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगे

एनएचएआई के पीडी देवेंद्र चापेकर ने बताया कि माही नदी के आसपास सबसे ज्यादा पत्थरबाजी की घटनाएं होती हैं। इसके आसपास होटल, रेस्टोरेंट और अन्य जनसुविधा केंद्रों के लिए लोगों को जगह दी जा रही है, जिससे वाहन चालकों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts