सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में अंतरिम आवेदनों पर बहस पूरी, 14 अक्टूबर को आएगा फैसला

ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में अंतरिम आवेदनों पर बहस पूरी हो गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने 14 अक्टूबर को आदेश सुनाने की तारीख तय की है। अब अदालत यह तय करेगी कि संपत्ति बंटवारे से संबंधित दस्तावेजों पर विवादित हस्ताक्षरों को लेकर पहले साक्ष्य कराए जाएं या अंतरिम आवेदनों पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए। मामला सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों के बंटवारे से संबंधित है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी ने कथित सहमति से हुए संपत्ति बंटवारे पर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि बंटवारे से संबंधित दस्तावेजों पर उनके बताए जा रहे हस्ताक्षर धोखे से कराए गए थे। प्रतिमा देवी की ओर से इस तथ्य को साबित करने के लिए साक्ष्य कराए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
प्रतिमा देवी के दावे का किया विरोध
वहीं उषा राजे, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे की ओर से प्रतिमा देवी के दावे का विरोध किया गया। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर सहमति से किए गए थे। दलील के दौरान यह भी बताया गया कि हस्ताक्षर के बाद परिवार के सदस्यों के बीच डिनर हुआ था और उस दौरान तस्वीरें भी खींची गई थीं। ऐसे में हस्ताक्षर धोखे से कराए जाने का दावा सही नहीं है। सिंधिया पक्ष की ओर से भी हस्ताक्षरों को सहमति से किए जाने का तर्क रखा गया और कहा गया कि इस संबंध में अलग से साक्ष्य कराए जाने की आवश्यकता नहीं है।
ये भी पढ़ें: MP में पटवारियों पर कार्रवाई के विरोध में ऑनलाइन राजस्व काम बंद, कई जिलों में कार्रवाई से बढ़ा विवाद
अब 14 अक्टूबर को अदालत की कार्रवाई
अब सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद 14 अक्टूबर को अदालत का आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय के आदेश से स्पष्ट होगा कि मामले में पहले साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू होगी या अंतरिम आवेदनों पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अदालत के इस निर्णय के बाद संपत्ति विवाद की सुनवाई की अगली दिशा स्पष्ट होगी।




















