बेटमा:रंगवासा ग्राम पंचायत में दोपहर तक लटका रहा ताला, ग्रामीणों ने सचिव की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

बेटमा। ग्राम पंचायत रंगवासा में दोपहर तक पंचायत कार्यालय बंद मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सचिव और रोजगार सहायक के बयानों में भी विरोधाभास सामने आया, जिससे पंचायत व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों ने कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पंचायत कार्यालय बंद मिलने से ग्रामीण हुए परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सचिव और अन्य कर्मचारियों के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार लोग सुबह से पंचायत पहुंचते हैं, लेकिन कार्यालय बंद मिलता है। इससे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, मनरेगा, पेंशन और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने लंबे समय से सचिव मोहन सिंह मकवाना को निर्धारित समय पर प्रतिदिन पंचायत कार्यालय में उपस्थित नहीं देखा है।
रोजगार सहायक कार्यालय से गायब
इसको लेकर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक महेश पटेल से फोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वे बगलामुखी माता के दर्शन के लिए गए हुए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे आधिकारिक अवकाश पर हैं, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे ऑफिशियल छुट्टी पर नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यालय समय में जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
सचिव ने कहा-पंचायत खुली है, कर्मचारी मौजूद है
इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव मोहन सिंह मकवाना से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि वे किसी कार्य की स्वीकृति के लिए कलेक्टर कार्यालय गए हुए हैं। जब पंचायत कार्यालय बंद होने की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि पंचायत कार्यालय खुला हुआ है और हीरा सिंह पंचायत में मौजूद हैं। हालांकि मौके पर पंचायत कार्यालय में ताला लगा मिला और हीरा सिंह भी वहां उपस्थित नहीं थे। जब उन्हें मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि वह कहीं काम से गए होंगे।
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ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
मामले में सचिव और रोजगार सहायक के बयानों में भी विरोधाभास सामने आया। सचिव ने हीरा सिंह के पंचायत में मौजूद होने की बात कही, जबकि रोजगार सहायक महेश पटेल ने बताया कि हीरा सिंह पंचायत में साफ-सफाई कर्मचारी हैं और उनके परिवार में हाल ही में एक सदस्य का निधन हो जाने के कारण वे पिछले कुछ दिनों से पंचायत समय पर नहीं आ रहे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर हीरा सिंह कई दिनों से पंचायत नहीं आ रहे थे, तो सचिव ने उनके पंचायत में मौजूद होने की जानकारी किस आधार पर दी।
ग्रामीण काम के लिए भटक रहे
मामले को लेकर जनपद पंचायत देपालपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पूजा मालाकार से भी फोन पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में अवकाश पर हैं और इस संबंध में प्रभारी सीईओ कुसुम मंडलोई से चर्चा करने को कहा। इसके बाद प्रभारी सीईओ कुसुम मंडलोई से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत देपालपुर और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। जिससे आम जनता को भटकना ना पड़े।
Edited By : Rohit Sharma












